उज्जैन के महामंडलेश्वर पर रेप का आरोप, संत बोले- मुझे हनीट्रैप में फंसाने की साजिश
मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक चर्चित मामला सामने आया है, जहां दादू आश्रम के महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज पर एक महिला ने दुष्कर्म, मारपीट, ब्लैकमेल और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने इस संबंध में मध्य प्रदेश के गृहमंत्री, डीजीपी, आईजी और उज्जैन पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर, महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें एक सुनियोजित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग की साजिश के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
क्या हैं महिला के आरोप?
शिकायतकर्ता महिला के अनुसार उसकी पहली मुलाकात करीब डेढ़ वर्ष पहले दत्त अखाड़े में महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज से हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच फेसबुक पर बातचीत शुरू हुई और संपर्क बढ़ता गया।
महिला का कहना है कि वर्ष 2025 की गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वह अपने भाई के साथ उज्जैन के सदावल रोड स्थित दादू आश्रम पहुंची थी। आरोप है कि आश्रम में ठहरने के दौरान महामंडलेश्वर ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।
महिला का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसी वीडियो के आधार पर लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा।
महामंडलेश्वर ने आरोपों को बताया झूठा
महामंडलेश्वर ज्ञानदास महाराज ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। उनका कहना है कि महिला पिछले लगभग एक वर्ष से उन्हें हनीट्रैप में फंसाकर पैसे ऐंठने का प्रयास कर रही थी।
उनका दावा है कि जब उन्होंने कथित अनुचित मांगें मानने से इनकार किया तो उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। ज्ञानदास महाराज ने यह भी कहा कि उनके पास महिला द्वारा कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े ऑडियो कॉल, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराया है।
पुलिस क्या कह रही है?
महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की ओर से आवेदन और शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
पुलिस की विशेष टीम दोनों पक्षों द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानदास महाराज कौन हैं?
ज्ञानदास महाराज उज्जैन की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े एक प्रमुख संत माने जाते हैं। उनके दो प्रमुख आश्रम बताए जाते हैं-
- सदावल रोड स्थित दादू आश्रम
- पिपली नाका क्षेत्र स्थित आश्रम
वे शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए कई बार अनशन और विरोध-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। हाल ही में उनके आश्रम पर अज्ञात लोगों द्वारा पथराव किए जाने की घटना भी सामने आई थी, जिसमें उनकी कार के शीशे टूट गए थे।
जांच जारी, निष्कर्ष आना बाकी
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। एक पक्ष ने गंभीर आपराधिक आरोप लगाए हैं, जबकि दूसरे पक्ष ने उन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए हनीट्रैप और ब्लैकमेल की साजिश का दावा किया है। इस मामले में अभी तक किसी भी आरोप की न्यायिक या पुलिस जांच के माध्यम से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस दोनों पक्षों के साक्ष्यों की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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