यह पल ऐतिहासिक है, भोजशाला में 10 साल बाद पूजा और नमाज साथ-साथ!

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भोजशाला: यह पल ऐतिहासिक है, मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर एक दशक बाद पूजा और नमाज दोनों की अनुमति दिए जाने से प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए एक ही जगह अलग-अलग समय और स्थान तय किए गए हैं। मौके पर किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं।

शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही हिंदू श्रद्धालुओं ने वाग्देवी (मां सरस्वती) की पूजा शुरू कर दी। पूजा-अर्चना, हवन और वैदिक पाठ का सिलसिला पूरे दिन सूर्यास्त तक जारी रहेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से धार्मिक अनुष्ठान कर रहें हैं।

वहीं, परिसर के भीतर ही चिन्हित एक अलग क्षेत्र में मुस्लिम पक्ष को जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है। नमाज का समय दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया जा रह है।

आमतौर पर बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में पूजा की अनुमति दी जाती है जबकि जुमे के दिन नमाज पढ़ी जाती है। लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं, तो इसके पहले तनाव और विवाद की स्थिति बनती रही है। इसी कारण पिछले कई वर्षों से एक ही दिन दोनों धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इस बार न्यायालय के निर्देशों के बाद दोनों समुदायों को तय समय और नियमों के तहत अनुमति दी गई है।

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गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया कि हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक वाग्देवी पूजा की अनुमति होगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि दोनों धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्ण ढंग से हों और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता न किया जाए।

सुरक्षा व्यवस्था की बात करें तो प्रशासन ने भोजशाला परिसर और धार शहर में 8000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी शामिल हैं। पूरे क्षेत्र को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है।

प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है। सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात है और कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

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जिला प्रशासन का कहना है कि सभी धार्मिक गतिविधियां सुप्रीम कोर्ट के आदेश और तय प्रोटोकॉल के अनुसार कराई जा रही हैं। अधिकारियों ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

फिलहाल भोजशाला में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड में रहेगा और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है


 

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