भारत के ‘हिन्दू राष्ट्र’ प्रयोग की सफल प्रयोगशाला बना संभल

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भारत के ‘हिन्दू राष्ट्र’ की सफल प्रयोगशाला संभल- न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टर मुजीब मशाल और सुहासिनी राज ने यूपी के सम्भल, जिसे हिंदूवादियों  की बढ़ती ताकत का नया केंद्र माना जा रहा है। संभल  का दौरा करने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट दी है। नवंबर 2024 में 16वीं शताब्दी की शाही जामा मस्जिद को लेकर हुए विवाद और उसके बाद हुई हिंसक झड़पों ने शहर को बदल दिया है।  रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू राष्ट्रवादियों ने दावा किया कि मस्जिद एक पवित्र हिंदू स्थल पर बनाई गई थी और इसे अदालतों के माध्यम से चुनौती दी। भारत के ‘हिन्दू राष्ट्र’ प्रयोग की सफल प्रयोगशाला बना संभल

रिपोर्ट बताती है कि हिंसा के बाद, अधिकारियों ने इंटरनेट बंद कर दिया और विरोध को कुचल दिया. पुलिस ने हिंसा के संबंध में 2,750 “अज्ञात” लोगों के खिलाफ आपराधिक शिकायतें दर्ज कीं. मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों ने कहा कि उन पर पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज न करने का दबाव डाला गया. एक मृतक, 17 वर्षीय अयान की मां नफीसा ने कहा, “इस नफरत ने मेरे बेटे को ले लिया.” शहर की लगभग 3,00,000 आबादी का तीन-चौथाई हिस्सा मुस्लिम है, लेकिन उनका कहना है कि उन्हें अपनी आस्था की अभिव्यक्ति को निजी स्थानों तक सीमित करने के लिए मजबूर किया गया है. भारत के ‘हिन्दू राष्ट्र’ प्रयोग की सफल प्रयोगशाला बना संभल

लेखकों ने नोट किया कि इस नई वास्तविकता का सबसे दृश्यमान चेहरा पुलिस प्रमुख अनुज चौधरी थे, जो सोशल मीडिया पर अपनी ‘टफ-कॉप’ छवि के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने कहा कि वे केवल कानून लागू कर रहे थे. रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी उल्लेख है, जो अपनी बाहुबली (स्ट्रॉन्गमैन) छवि को आगे बढ़ाने के लिए सम्भल का उपयोग कर रहे हैं. मस्जिद का सर्वेक्षण कराने वाले वकील विष्णु शंकर जैन ने इसे “सांस्कृतिक विरासत को पुनः प्राप्त करने” का प्रयास बताया.

हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों और वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने गवाहों को डराया और सबूत देने से रोका. पुलिस ने हिंसा को एक स्थानीय समूह द्वारा “दंगे भड़काने की साजिश” बताया. पुलिस थाने की दीवार पर महाभारत के दृश्य चित्रित किए गए हैं और शहर में अब हिंदू धार्मिक प्रदर्शनों का वर्चस्व दिखाई देता है. एक स्थानीय हिंदू नेता कांतिक्रांत तिवारी ने कहा कि अब जुलूस मुस्लिम बहुल इलाकों से आसानी से गुज़र सकते हैं, जो पहले भारी पुलिस सुरक्षा में निकलते थे.

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