Sajjan Singh Verma: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “राजनीति का रावण” कहा है।
वर्मा यहीं नहीं रुके, उन्होंने विजयवर्गीय पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाने के साथ कहा कि अगर उनके आरोप गलत हैं तो वे मानहानि का दावा करें।
सज्जन वर्मा ने आरोप लगाया कि विजयवर्गीय और उनका परिवार भ्रष्टाचार में लिप्त है और उन्होंने ईडी की छापेमारी के हवाले से कहा कि करोड़ों का खेल उजागर हो चुका है।
उन्होंने कहा, अभी तो जांच अधूरी है आगे और नाम सामने आएंगे। जिस मामले को मैंने पहले उठाया था, उस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उनका परिवार लगातार भ्रष्टाचार से माल इकट्ठा करता रहा है।
राजनीति के रावण को कब जलाओगे
इंदौर में दशहरे के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में सज्जन वर्मा ने कहा हर साल दशहरे पर रावण का पुतला जलाते हो।
लेकिन राजनीति में बैठे असली रावण को कब जलाओगे? ये काम सिर्फ आयोजकों का नहीं, जनता का भी है।
उन्होंने कहा कि विजयवर्गीय जैसे लोग राजनीति में घृणा और भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुके हैं।
ऐसे लोगों के रहते राजनीति में सच्चाई और मर्यादा की कोई जगह नहीं बची है।
महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयानों पर भी सज्जन वर्मा ने विजयवर्गीय को घेरा।
उन्होंने कहा, भ्रष्टाचार कर पैसे कमाने के लिए तुम और तुम्हारा परिवार राजनीति करता है।
महिलाओं को लेकर बयानबाजी मत करो यार… अननेसेसरी की बातें हैं।
घृणित सोच आदमी को विकार की दिशा में ले जाती है। जीवन का अंतिम चरण है, सद्चरित्र के साथ जियो।
वर्मा ने दावा किया कि विजयवर्गीय का व्यवहार भाजपा के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर रहा है और वे कभी भी मंत्रिमंडल से हटाए जा सकते हैं।
“दशहरा आते ही रावण जैसे हो जाते हैं”
सज्जन सिंह वर्मा इससे पहले भी विजयवर्गीय को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं।
हाल ही में उन्होंने कहा था, जैसे ही दशहरा नजदीक आता है, वैसे ही कैलाश विजयवर्गीय का चाल-चरित्र और चेहरा रावण जैसा हो जाता है।
यह बयान विजयवर्गीय द्वारा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को लेकर दिए गए बयान के बाद आया था।
वर्मा ने कहा था कि भाजपा के भीतर ही ऐसे लोग हैं जो मोदी की लंका में आग लगाने का काम कर रहे हैं।
सज्जन वर्मा ने विजयवर्गीय के पुराने चुनावी बयानों का जिक्र करते हुए कहा, विजयवर्गीय ने सांवेर चुनाव के दौरान कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नू-मुन्नू कहा था।
राहुल गांधी को पप्पू बोलते हैं। सुनो कैलाश, अपनों से बड़ों पर थूकोगे तो थूक तुम्हारे ऊपर ही गिरेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि विजयवर्गीय एक समय बाल बढ़ाकर, साड़ी और चूड़ी पहनकर तंत्र-मंत्र किया करते थे और अब मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं।
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