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जम्मू। जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकवादियों द्वारा रूबिया सईद के अपहरण के 35 साल बाद सीबीआई ने इस मामले में वांटेड एक “फरार” अपराधी को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने कहा कि उसने श्रीनगर निवासी शफात अहमद शांगलू को घाटी से गिरफ्तार किया है, जिस पर तत्कालीन जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक के साथ मिलकर तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण की साजिश रचने का आरोप है।
सीबीआई अब उसे निर्धारित समय के भीतर टाडा कोर्ट, जम्मू में पेश करेगी।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने कहा कि शांगलू ने वर्ष 1989 के दौरान आरपीसी और टाडा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत एक अपराध करने में यासीन मलिक और अन्य के साथ साजिश रची थी।
उस पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। सीबीआई ने सईद के अपहरण से संबंधित मामले में दो दर्जन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। 2021 में जम्मू की अदालत ने मलिक सहित 10 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए. दो पहले ही मर चुके थे और शांगलू सहित 12 फरार थे।
मालूम हो कि 8 दिसंबर 1989 को – वी.पी. सिंह सरकार में मुफ्ती मोहम्मद सईद के केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में शपथ लेने के ठीक छह दिन बाद– रूबिया सईद एक यात्री मिनीबस में घर जा रही थीं।
23 वर्षीया सईद तब श्रीनगर में लाल डेड मैटरनिटी अस्पताल में इंटर्नशिप कर रही थीं और श्रीनगर शहर के बाहरी इलाके में नौगाम स्थित अपने घर लौट रही थीं. जैसे ही मिनीबस मुफ्ती के आवास से कुछ सौ मीटर दूर पहुंची, चार बंदूकधारी अंदर घुस गए और बंदूक की नोक पर सईद का अपहरण कर लिया. उन्हें एक मारुति कार से अज्ञात स्थान पर ले जाया गया. सरकार द्वारा जेल में बंद पांच आतंकवादियों को रिहा करने के बाद उन्हें 13 दिसंबर को मुक्त कर दिया गया था.
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