ग्वालियर में रिटायरमेंट से एक दिन पहले रिश्वत लेते पकड़े गए निगम के इंजीनियर, 6 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) सुशील कटारे अपनी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले लोकायुक्त के जाल में फंस गए। 31 जुलाई को उनका रिटायरमेंट होना था और कार्यालय में उनकी विदाई की तैयारियां चल रही थीं।
स्टाफ ने विदाई समारोह से लेकर उपहार और भोजन तक की पूरी व्यवस्था कर ली थी, लेकिन विदाई से एक दिन पहले ही रिश्वतखोरी के आरोप में उनकी गिरफ्तारी ने पूरे नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मचा दिया।
लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को सुशील कटारे को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने 36 लाख रुपये के भुगतान के एवज में एक प्रतिशत कमीशन, यानी 36 हजार रुपये की मांग की थी।
पहले ही ले चुके थे 30 हजार रुपये
नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उनकी फाइल आगे बढ़ाने के बदले एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे 36 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप की योजना बनाई।
जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी 28 जुलाई को ही 30 हजार रुपये ले चुके थे। शेष छह हजार रुपये देने के लिए गुरुवार को फरियादी सचिन पचौरी नगर निगम कार्यालय पहुंचे। जैसे ही सुशील कटारे ने रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले कार्रवाई
सुशील कटारे का 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होना था। कार्यालय में उनके सम्मान में विदाई समारोह की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन रिटायरमेंट से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने पूरे महकमे को चौंका दिया।
लोकायुक्त एसपी ने क्या कहा?
लोकायुक्त ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपी को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नौकरी विवादों में बीती, अंत भी विवादों में
नगर निगम में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले सुशील कटारे का कार्यकाल पहले भी कई विवादों से जुड़ा रहा है। अब सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तारी ने उनके पूरे करियर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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