कौन है ज्योतिषी कैप्टन अशोक खरात, जिस पर लगे बालात्कार जैसे आरोप और जिसके पास मिले 58 अश्लील वीडियो बनाए!
अशोक खरात, जिसे ‘कैप्टन’ खरात के नाम से जाना जाता है, महाराष्ट्र के नासिक से उभरा एक ऐसा नाम है जिसने खुद को अंकशास्त्री, आध्यात्मिक सलाहकार और प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में स्थापित किया, लेकिन आज वह गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण चर्चा के केंद्र में है। उसके शुरुआती जीवन के बारे में बहुत अधिक प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करती है।
माना जाता है कि वह एक साधारण परिवार से आया और अपने करियर की शुरुआत मर्चेंट नेवी से की, जहां से उसे ‘कैप्टन’ की पहचान मिली। इसी पहचान को उसने बाद में अपने नाम और व्यक्तित्व का स्थायी हिस्सा बना लिया। शिक्षा को लेकर भी कोई स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन उसने खुद को ज्योतिष, अंकशास्त्र और तंत्र-मंत्र का विशेषज्ञ बताकर समाज में अपनी एक अलग छवि बनाई।
मर्चेंट नेवी से अलग होने के बाद खरात ने नासिक में “ओक्स प्रॉपर्टी डीलर एंड डेवलपर” के नाम से अपना व्यवसाय शुरू किया। यह केवल एक रियल एस्टेट कार्यालय नहीं था, बल्कि धीरे-धीरे यह एक ऐसा केंद्र बन गया जहां वह लोगों को ‘आध्यात्मिक समाधान’ देने का दावा करता था। उसने अपने व्यवसाय और कथित आध्यात्मिक सेवाओं को एक साथ जोड़कर एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसमें आम लोगों से लेकर प्रभावशाली व्यक्तियों तक की पहुंच थी।
वह लोगों की निजी समस्याओं जैसे पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानी या व्यक्तिगत संकट का समाधान देने के नाम पर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था। इसी प्रक्रिया में उसने एक बड़ी ग्राहक-शृंखला तैयार की, जिसने उसे आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर मजबूत बनाया।
खरात की सबसे बड़ी ताकत उसका नेटवर्क था। उसने राजनेताओं, व्यापारियों और अन्य हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ संपर्क बनाए और धीरे-धीरे खुद को एक ‘पावरफुल’ व्यक्ति के रूप में स्थापित किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें सामने आने के बाद यह साफ हो गया कि वह केवल एक सीमित दायरे का व्यक्ति नहीं था, बल्कि उसकी पहुंच सत्ता के गलियारों तक थी।
हालांकि, इन संबंधों का वास्तविक स्वरूप अभी भी जांच का विषय है, लेकिन यह निश्चित है कि उसने इन संपर्कों का इस्तेमाल अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव बढ़ाने के लिए किया। यही कारण था कि समाज में उसकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बन गई थी, जो ‘ऊपर तक पहुंच’ रखता है और किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकता है।
अगर उसकी तथाकथित उपलब्धियों की बात करें, तो उसने खुद को एक सफल ‘गॉडमैन’ और सलाहकार के रूप में स्थापित कर लिया था। वह ‘श्री ईशानेश्वर मंदिर ट्रस्ट’ (मिरगांव) का अध्यक्ष भी रहा, जिससे उसे धार्मिक पहचान और सामाजिक स्वीकृति मिली। उसके कार्यक्रमों और संपर्कों ने उसे स्थानीय स्तर पर एक प्रभावशाली चेहरा बना दिया था।
लेकिन यह उपलब्धियां लंबे समय तक टिक नहीं सकीं, क्योंकि हाल ही में सामने आए आरोपों और पुलिस कार्रवाई ने उसकी पूरी छवि को ध्वस्त कर दिया। अब वही व्यक्ति, जिसे कभी लोग मार्गदर्शक मानते थे, गंभीर अपराधों के आरोपों में घिरा हुआ है।
वर्तमान में अशोक खरात के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उस पर महिलाओं के शोषण, बलात्कार, धमकी और अघोरी प्रथाओं से जुड़े आरोप लगे हैं। पुलिस जांच के दौरान उसके पास से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद होने की बात सामने आई है, जिससे यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है।
अभी तक यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि उसके खिलाफ कुल कितने मामले लंबित हैं, लेकिन यह संभावना जताई जा रही है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और अन्य पीड़ित सामने आएंगे, मामलों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल, उसके खिलाफ दर्ज प्रमुख मामला ही अत्यंत गंभीर है और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
उसके निजी जीवन और परिवार के बारे में बहुत कम जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। यह स्पष्ट नहीं है कि उसके परिवार के सदस्य कौन हैं या वे इस पूरे मामले में किस स्थिति में हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपी अपने निजी जीवन को सार्वजनिक नजरों से दूर रखने की कोशिश करते हैं, और खरात के मामले में भी यही देखने को मिलता है।
हालांकि, जांच एजेंसियां अब उसके पूरे नेटवर्क, संपर्कों और निजी संबंधों की भी जांच कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में और जानकारी सामने आ सकती है और खबर को अपडेट किया जा सकता है।
अशोक खरात की कहानी केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक मानसिकता को भी दर्शाती है, जहां लोग अपनी समस्याओं का समाधान ढूंढने के लिए अंधविश्वास और तथाकथित ‘आध्यात्मिक शक्तियों’ पर भरोसा कर लेते हैं।
उसने इसी भरोसे को अपनी ताकत बनाया और एक मजबूत प्रभाव खड़ा किया, लेकिन जब वही भरोसा टूटता है, तो उसका असर भी उतना ही गहरा होता है। आज उसकी छवि एक ऐसे व्यक्ति की बन गई है, जिसने अपने प्रभाव और आस्था का इस्तेमाल कथित रूप से गलत कार्यों के लिए किया।
पूरा मामला जांच के अधीन है और अंतिम सच्चाई अदालत के फैसले के बाद ही सामने आएगी। लेकिन यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि किसी भी व्यक्ति पर आंख मूंदकर विश्वास करना कितना खतरनाक हो सकता है। यह जरूरी है कि लोग जागरूक रहें और ऐसे दावों की सच्चाई को परखें, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोका जा सके।
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क्या है पूरा मामला जिससे आया सुर्खियों में!?
महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया ‘कैप्टन’ अशोक खरात का मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि यह बताता है कि कैसे धर्म और अंधविश्वास की आड़ में गंभीर अपराधों को अंजाम दिया जा सकता है। खुद को ज्योतिषी और अंकशास्त्री बताने वाला यह व्यक्ति अब पुलिस हिरासत में है। आरोप है कि उसने एक महिला को करीब तीन साल तक नशीले पदार्थों और मानसिक प्रभाव के जरिए अपने नियंत्रण में रखकर उसका शारीरिक शोषण किया। इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति और समाज दोनों में हलचल पैदा कर दी है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने एक 35 वर्षीय विवाहित महिला को अपने प्रभाव में लेने के लिए तंत्र-मंत्र, अघोरी विधियों और दैवी शक्तियों का सहारा लिया। उसने महिला को विश्वास दिलाया कि वह उसकी जिंदगी की समस्याओं का समाधान कर सकता है। इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने उसे बार-बार नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया। यह सिलसिला नवंबर 2022 से लेकर दिसंबर 2025 तक चलता रहा। जब महिला को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ और उसने विरोध करना शुरू किया, तो आरोपी ने उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दीं।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित उसके कार्यालय “ओक्स प्रॉपर्टी डीलर एंड डेवलपर” पर छापा मारा गया, जहां से कई चौंकाने वाले सबूत सामने आए। एक पेन ड्राइव में 58 आपत्तिजनक वीडियो क्लिप बरामद हुए हैं, जिनमें कई महिलाओं के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिया है। इन सभी साक्ष्यों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जिससे मामले की परतें और खुलने की उम्मीद है।
अशोक खरात केवल एक तथाकथित बाबा ही नहीं, बल्कि ‘श्री ईशानेश्वर मंदिर ट्रस्ट’ से भी जुड़ा हुआ है और पहले मर्चेंट नेवी में काम कर चुका है। अपने इसी बैकग्राउंड और आध्यात्मिक दावों के सहारे उसने समाज के प्रभावशाली वर्ग—राजनेताओं, कारोबारियों और अन्य प्रतिष्ठित लोगों—में अपनी पहुंच बना ली थी। जब उसकी कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सामने आईं, तो मामला और ज्यादा राजनीतिक हो गया। इसके बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कुछ नेताओं ने राज्य महिला आयोग से जुड़े लोगों के साथ आरोपी के कथित संबंधों पर सवाल उठाए। हालांकि, संबंधित पक्षों ने इन आरोपों से खुद को अलग बताते हुए कहा है कि उन्हें आरोपी की असलियत की जानकारी नहीं थी। फिर भी, इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं—जिनमें बलात्कार, धमकी और अन्य अपराध शामिल हैं—के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही, अघोरी प्रथाओं और काला जादू से जुड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। अदालत ने उसे 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
अब पुलिस उन संभावित पीड़ितों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जो अब तक डर या सामाजिक दबाव के कारण सामने नहीं आ पाई हैं। यह मामला केवल एक व्यक्ति के अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज के उस पहलू को उजागर करता है जहां अंधविश्वास और अंधभक्ति के चलते लोग आसानी से शिकार बन जाते हैं।
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