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प्रयागराज। देश में धार्मिक रंग तेजी से उग्र हो रहा है। खासकर उत्तरप्रदेश में। योगी आदित्यनाथ ने एक नया जूनून लोगों में पैदा कर दिया है। रविवार को रामनवमी पर भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्रयागराज में रामनवमी पर महाराजा सुहेलदेव संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सालार मसूद गाजी की दरगाह पर भगवा झंडे फहराए। तीन युवक दीवारों के सहारे दरगाह की छत पर चढ़ गए। ॐ लिखे भगवा झंडा लहराते हुए नारेबाजी की।
युवकों का नेतृत्व कर रहे मनेंद्र प्रताप सिंह ने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया। उसने कहा- सालार मसूद गाजी आक्रांता था। ऐसे में तीर्थराज प्रयाग में उसकी कोई दरगाह नहीं होनी चाहिए। दरगाह को तुरंत ध्वस्त कर देना चाहिए। उस जगह को हिंदुओं को पूजा-पाठ के लिए सौंप देनी चाहिए।
पुलिस के पहुंचने से पहले हंगामा करने वाले युवक भाग गए थे। हंगामा करने से पहले महाराजा सुहेलदेव सम्मान सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों ने डीएम और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन भी दिया था। ये दरगाह गंगापार इलाके में प्रयागराज शहर से 40 किमी दूर है।
मनेंद्र प्रताप सिंह की अगुआई में रविवार शाम करीब 4 बजे 20 ये अधिक युवकों ने बाइक रैली निकाली। भगवा झंडा लहराते हुए सभी सिकंदर इलाके में स्थित सालार मसूद गाजी की दरगाह पर पहुंचे।दीवारों के सहारे दरगाह की छत पर चढ़ गए। वहां गुंबद के बगल में हवा में भगवा झंडा लहराते हुए जमकर नारेबाजी की। फिर 3 युवक भगवा झंडा लेकर गुंबद तक पहुंचे।
गाजी हिंदुओं का हत्यारा, अवैध मजार बनाई
हंगामे के बाद महाराजा सुहेलदेव सम्मान सुरक्षा मंच का वो लेटर भी सामने आया, जिसे जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को दिया गया है। उसमें लिखा है, तीर्थराज प्रयागराज की पवित्र भूमि पर बहरिया के सिकंदरा में गाजी मियां (सैयद सालार गाजी) की अवैध मजार बनाई गई है।
गाजी हिंदुओं का हत्यारा और आक्रांता था।सिकंदरा वो कभी नहीं आया। फिर भी वक्फ बोर्ड ने जमीन कब्जा करने के इरादे से मजार बनवा दी। यहां पर पहले शिवकंद्रा वाले महादेव, सती बड़े पुरुख का मंदिर था। वहां हिंदुओं का धर्मांतरण, झाड़-फूंक, महिलाओं के साथ अभद्रता, हिंदुओं की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
यह देखकर हिंदुओं में आक्रोश बढ़ गया है। इससे सभी हिंदू आंदोलनरत हो गए हैं। हिंदुओं की मांग है कि जल्द से जल्द वहां से मजार हटाई जाए। मेला बंद हो। शिव जी, सती और बड़े परिहार जी की मंदिर बनाकर पूजा हो। इस गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने मारा था, इसलिए उन्हीं के नाम पर वहां पार्क भी बनाया जाए।
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