नीतीश कुमार के पुत्र निशांत की राजनीति में एंट्री तय हो गई है। खबर है कि उनके लिए युवा नेताओं की एक टीम बनाई जा रही है, जो उन्हें सहयोग करेगी।
इनमें मुख्य रूप से उनके मित्र रुहेल रंजन, शुभानंद मुकेश, कोमल सिंह और चेतन आनंद जैसे नेता होंगे। निशांत समेत इन सभी नेताओं की एक ही पहचान है, ये सभी राजनीतिक परिवार से आते हैं और अपने माता पिता की वजह से इन्हें राजनीति में लेटरल एंट्री मिल गई है।
बिहार में एक दौर था, जब छात्र राजनीति से अनाम युवा राजनीति में आते थे। मगर जेपी आंदोलन के जरिए सत्ता में आए राजनेताओं ने छात्र राजनीति से राजनीति में प्रवेश का रास्ता बंद कर दिया।
पिछले दिनों पटना विवि में छात्र संघ के चुनाव हुए हैं। 2012 से शुरू हुए इन चुनावों में अब तक जो भी छात्र संघ के पदाधिकारी रहे उनमें से किसी को किसी दल से टिकट नहीं दिया। छात्र संघ के नेताओं ही नहीं कार्यकर्ताओं का भी राजनीति में प्रवेश लगभग बंद है। हर जगह बड़े नेताओं के बच्चे, ठेकेदार, बड़े अधिकारी, कंपनी मालिक ही चुनावी टिकट हासिल कर रहे हैं।
कई मामलों में तो VRS लेकर आए अधिकारी भी लंबा इंतजार करते हैं। जदयू में ही मनीष वर्मा का उदाहरण सामने है। पिछले दिनों जदयू के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे कि उनके नेता नीतीश कुमार के साथ धोखा हो गया है। सच तो यह है कि धोखा उन कार्यकर्ताओं के साथ हो रहा है। नीतीश अपने बेटे को सत्ता देकर वानप्रस्थ (राज्यसभा) जा रहे हैं।
पढ़ाई, संपत्ति और सियासी एंट्री निशांत बाबू की कहानी
निशांत का अचानक से राजनीति में आना कई सारी अटकलें पैदा कर रहा है, हालांकि पहले के उनके रुझान ऐसे दिखे नहीं, क्योंकि पहले से उनका नजरिया राजनीति में आना शायद रहा ही नहीं, ऐसा इसलिए क्योंकि वे पहले राजनीति से दूरी बनाकर रखते थे। राजनीति में आने के बाद अब वे चर्चा में हैं। बात करें निशांत के व्यक्तिगत जीवन की तो निशांत ने अपने पिता नीतीश कुमार की तरह ही इंजीनिरिंग की है। और उनकी प्रारम्भिक पढ़ाई पटना से ही सेंट करेन स्कूल से हुई है। आगे की पढ़ाई के लिए वे मसूरी के मानव भारती इंटरनेशनल स्कूल गए। हायर स्टडी निशांत ने झारखंड के प्रख्यात बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT) मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री ली है।
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कयास तो यह भी लगाए जाते रहे हैं की निशांत का जीवन बड़ा शांत और अध्यात्म वाला रहा। शायद इसी वजह से निशांत का राजनीति से थोड़ा किनारा दिखाई पड़ता रहा। निशांत का जन्म 20 जुलाई 1975 में हुआ था, और यह नीतीश कुमार की इकलौती संतान है। निशांत ने अपनी माँ मंजु सिन्हा को 2007 में खो दिया था। पर आज वे लगभग 50 वर्ष के हो गए हैं। और पटना में ही रहते हैं। मंचों पर दिखाई भले न देते हों पर वे कई तरह के कार्यकर्मों में अपने पिता नीतीश के साथ अकसर नजर आते हैं।
नीतीश कुमार का राजसभा के लिए नामांकन देना कई तरह से बहसों को जन्म रहा है, राजनीति में बातचीत तो यह भी चल रही है नीतीश ने अपने बेटे निशांत को राजनीति में लाने के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ा है। कई वरिष्ठ नेताओं का तो यह तक कहना है की नीतीश को भाजपा ने हाइजैक किया है। मंत्री पद छोड़ने के लिए मजबूर किया है। पर सच्चाई जो भी हो यह तो आम है की निशांत कुमार अब राजनीति में सक्रिय होने की राह में हैं। उनकी राजनीति में एंट्री हो चुकी है।
निशांत कुमार के पास कितनी संपत्ति है?
जैसा की माना जाता है की निशांत कुमार बेहद सादगी भरा जीवन जीते हैं, आमतौर पर उनकी संपत्ति के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट की बात मानी जाए तो उनकी संपत्ति करोड़ों रुपए बताई जा रही है। हालांकि वे नया तो किसी कारोबार से जुड़े हैं न ही उनके पास कोई राजनीतिक पद रहा है। बावजूद इसके वे बिहार और देश की राजनीति के चर्चित चेहरा नीतीश कुमार के इकलौते वारिश हैं।
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