लोकसभा में भारी हंगामा, 6 सांसद निलंबित, राहुल गांधी को चीन मुद्दे पर बोलने से रोका गया, टैरिफ डील पर भी सवाल!
संसद के बजट सत्र 2026 के पांचवें दिन भी लोकसभा में सोमवार को जोरदार हंगामा देखने हुआ। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते और भारत–चीन संबंधों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी टकराव की स्थिति बन गई।
हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे और फिर 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान कागज अध्यक्ष की ओर फेंके जाने की घटना के बाद छह विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बोलने से रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, “मैं तीन बातें कहना चाहता हूं। पहली, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी डरे हुए हैं।
दूसरा, जो व्यापार समझौता पिछले चार महीनों से रुका हुआ था, वह अचानक कल शाम प्रधानमंत्री द्वारा स्वीकार कर लिया गया। प्रधानमंत्री पर जबरदस्त दबाव है और 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई उनकी छवि का गुब्बारा फूट सकता है।
सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री से समझौता किया गया है। किसने किया और कैसे किया, यह देश की जनता को सोचना चाहिए।”
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान भारत–चीन संबंधों का मुद्दा उठाने की कोशिश की, जिस पर भाजपा सांसदों ने आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में शोर-शराबा बड़ गया।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर बोलने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय चीन और अमेरिका के बीच टकराव सबसे बड़ा मुद्दा है और भारत की भूमिका पर चर्चा जरूरी है।
इस दौरान राहुल गांधी ने पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देने की कोशिश की, जिससे सदन में एक बार और हंगामा हो गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि लोकसभा के नियमों के तहत किसी अप्रकाशित पुस्तक या असत्यापित सामग्री का उल्लेख सदन में नहीं किया जा सकता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नियम 349(i) का हवाला देते हुए राहुल गांधी को उस आत्मकथा के कथित अंश पढ़ने से रोक दिया और अगले वक्ता को बोलने के लिए बुला लिया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष हैं और उन्हें बोलने के लिए अध्यक्ष की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि “आप नेता प्रतिपक्ष को बोलने से नहीं रोक सकते हैं।
हंगामा बढ़ने के बीच कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने नारेबाजी की और कुछ सांसदों द्वारा कागज अध्यक्ष की ओर फेंके गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही बाधित हो गई।
यह भी पढ़ें- भारत–अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप का यू-टर्न, भारत पर टैरिफ घटाकर 18% किया
इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए आठ विपक्षी सांसदों हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह, राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला और किरण कुमार रेड्डी और दो अन्य को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी सदन से ऊपर नहीं हैं और उन्हें भी नियमों का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार संसद की परंपराओं को तोड़ रही है। वहीं कांग्रेस का आरोप है कि सरकार असहज सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आबाज दबा रही है।
लोकसभा में हंगामे के साथ-साथ संसद परिसर में भी विपक्षी सांसदों ने भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस सांसदों का कहना है कि जिस व्यापार समझौते की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति ने सार्वजनिक रूप से की है, उस पर भारत सरकार की ओर से संसद में अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया है।
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