नाम पूछते ही कंबल वापस लिया, टोंक में पूर्व सांसद के व्यवहार पर राजनीति गरम
कंबल वितरण कार्यक्रम में मुस्लिम महिला से कथित भेदभाव
राजस्थान के टोंक जिले की निवाई तहसील के करेड़ा बुजुर्ग गांव में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम विवादों में आ गया है।
आरोप है कि पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने एक महिला का नाम पूछने के बाद उसे दिया जा रहा कंबल वापस ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि महिला मुस्लिम समुदाय से थी और नाम सुनते ही पूर्व सांसद का व्यवहार बदल गया।
सांसद ने कहा —‘प्रधानमंत्री को गाली देने वालों को हक नहीं’
स्थानीय लोगों के अनुसार, कंबल लौटाने के दौरान पूर्व सांसद ने कथित तौर पर कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री का विरोध करते हैं,
उन्हें सहायता पाने का अधिकार नहीं है। घटना स्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति भी जताई, लेकिन बताया जाता है कि कार्यक्रम निजी होने की बात कहकर उन्हें चुप करा दिया गया।
इसके बाद कार्यक्रम अचानक समाप्त कर दिया गया।
‘निजी कार्यक्रम, मेरी मर्जी’
विवाद बढ़ने पर सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि कंबल वितरण पूरी तरह व्यक्तिगत स्तर पर किया जा रहा था।
इसमें न तो सरकारी धन का उपयोग हुआ और न ही किसी योजना से जुड़ाव था।
उनका कहना है कि निजी संसाधनों से किए गए दान में लाभार्थी चयन का अधिकार दाता के पास होता है, इसलिए इसे भेदभाव नहीं कहा जा सकता।
कांग्रेस सांसद ने बताया सामाजिक सद्भाव पर चोट
घटना का वीडियो सामने आने के बाद टोंक–सवाई माधोपुर क्षेत्र के कांग्रेस सांसद हरीश मीणा ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने इसे अमानवीय व्यवहार बताते हुए कहा कि धर्म के आधार पर जरूरतमंदों के साथ भेदभाव देश की सामाजिक एकता को कमजोर करता है।
उन्होंने केंद्र नेतृत्व से भी ऐसे मामलों पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।
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