प्रयागराज BREAKING: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से खबर सामने आ रही है। यहां एक Indian Army का एयरक्राफ्ट अचानक संतुलन खो बैठा और एक तालाब में जा गिरा। हादसे के वक्त इलाके में तेज आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान हवा में डगमगाता नजर आया और कुछ ही सेकंड में तालाब में गिर पड़ा। यह पूरा हादसा बुधवार करीब दोपहर 12 बजे केपी कॉलेज के बिल्कुल पीछे हुआ।
एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद शाबिर ने बताया-
पास में ही स्कूल है। उस व्यक्त बच्चे प्रैक्टिकल दे रहे थे, तभी तेज लाल रंग दिखाई दिया। दो मिनट में पैराशूट खुल गए और जहाज तालाब में जा गिरा। दोनों लोगों को बाहर निकाला गया। और दोनों लोग वर्दी में थे।
एयरक्राफ्ट टू सीटर था, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में मदद की और दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल सभी को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है।
PRO डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया बयान में कहा है की “माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट बमरौली एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते समय तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटना का शिकार हो गया।” आगे उन्होंने कहा की दोनों पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को बस्ती से दूर मैदान में उतारा, जिससे जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। बाकी मामले को कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया गए है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले आसमान में तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी थी। कुछ लोगों ने बताया कि विमान असामान्य तरीके से नीचे की ओर आ रहा था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, अभी तक सेना की ओर से आधिकारिक रूप से दुर्घटना के कारणों की पुष्टि नहीं की गई है। एक बड़ा हादसा होने से बच गया क्योंकि प्लेन क्रेश जहां हुआ है, यह जगह शहर के बीचों बीच है, पास में एक स्कूल और कालोनियां बसी हुई हैं। यह जगह माघ मेले से मात्र 3 किमी है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। वहीं, सेना की ओर से भी जल्द ही विस्तृत बयान जारी किए जाने की संभावना है। इस घटना ने एक बार फिर सैन्य उड़ानों की सुरक्षा और तकनीकी जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते बचाव कार्य शुरू हो गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन और सेना दोनों ही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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