India US Postal Services Ban: भारतीय डाक विभाग ने अमेरिका के लिए सभी तरह की डाक सेवाओं को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है।
यह फैसला उस समय आया है जब अमेरिका ने हाल ही में अपने कस्टम ड्यूटी नियमों में बड़ा बदलाव किया है।
ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए टैरिफ स्ट्रक्चर की वजह से एयरलाइंस ने भी डाक सामग्री ले जाने से इंकार कर दिया है।
अब न तो लेटर और डॉक्यूमेंट भेजे जा सकेंगे और न ही छोटे गिफ्ट आइटम्स।
Public Notice
Booking of all categories of mail to the United States of America has been suspended until further notice due to carrier unavailability & undefined regulatory mechanisms.India Post remains committed to serving the nation with trust & reliability.
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— India Post (@IndiaPostOffice) August 31, 2025
जानें क्या है पूरा मामला?
अब तक अमेरिका जाने वाले पार्सल और गिफ्ट आइटम्स पर एक सीमा तक ड्यूटी-फ्री छूट मिलती थी।
29 अगस्त 2025 तक 800 डॉलर यानी करीब 70 हजार रुपए तक की वस्तुएं अमेरिका में बिना किसी शुल्क के भेजी जा सकती थीं।
लेकिन 30 जुलाई को ट्रंप प्रशासन ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर नंबर 14324 जारी करते हुए यह छूट खत्म कर दी।
29 अगस्त से लागू इस आदेश के बाद अब अमेरिका जाने वाले हर सामान पर इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर एक्ट (IEEPA) के तहत कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
यहां तक कि 100 डॉलर (करीब 8,700 रुपए) तक के लेटर, डॉक्यूमेंट और गिफ्ट आइटम्स भी स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी के चलते प्रभावित हो गए हैं।
एयरलाइंस ने क्यों किया इनकार?
अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने 15 अगस्त को कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसमें ड्यूटी वसूली और जमा करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता नहीं है।
एयरलाइंस का कहना है कि जब तक नियम साफ नहीं होते और तकनीकी तैयारी पूरी नहीं होती, वे अमेरिका जाने वाले डाक पार्सल नहीं ले पाएंगी।
इसी वजह से 25 अगस्त से पहले बड़े पार्सल पर रोक लगाई गई थी और अब 1 सितंबर से सभी सेवाएं रोक दी गई हैं।
पहले किस तरह की छूट थी?
- 29 अगस्त तक – 800 डॉलर (करीब 70 हजार रुपए) तक के सामान पर ड्यूटी फ्री छूट थी।
- 29 अगस्त के बाद – अब हर तरह के पार्सल पर कस्टम ड्यूटी देनी होगी।
- 100 डॉलर तक की छूट – आधिकारिक तौर पर छोटे लेटर और गिफ्ट आइटम्स को छूट है, लेकिन एयरलाइंस की अनिच्छा के कारण इन्हें भी नहीं भेजा जा रहा है।
जिनकी बुकिंग हो चुकी है उनका क्या होगा?
इस निर्णय का सीधा असर उन छात्रों और पेशेवरों पर पड़ा है जो अमेरिका में एडमिशन लेटर, वीज़ा दस्तावेज या कानूनी कागजात भेजते हैं।
छोटे व्यापारी और एक्सपोर्टर जो डाक सेवाओं पर निर्भर रहते थे, अब प्रभावित होंगे।
इसके अलावा, त्योहारों के समय गिफ्ट भेजने वाले परिवारों और आम नागरिकों को भी बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
डाक विभाग ने कहा है कि जिन ग्राहकों ने पहले से अमेरिका के लिए पार्सल या डॉक्यूमेंट बुक कराए हैं लेकिन वे भेजे नहीं जा सके, वे पोस्टेज रिफंड के लिए आवेदन कर सकते हैं।
विभाग ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि वह जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने के प्रयास कर रहा है।
बता दें यह रोक पूरी तरह अस्थायी है। डाक विभाग ने कहा है कि वह हालात पर नजर रख रहा है।
जैसे ही अमेरिका से स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे और एयरलाइंस ऑपरेशनल रूप से तैयार होंगी, सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी।
हालांकि, अभी तक इस पर कोई तय समयसीमा नहीं बताई गई है।
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