India SCO Summit 2025

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SCO में भारत की बड़ी जीत: घोषणापत्र में पहलगाम हमले की निंदा, एक साथ दिखे मोदी-पुतिन-जिनपिंग

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India SCO Summit 2025: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अहम सफलता दर्ज की।

चीन में आयोजित समिट के दूसरे दिन जारी घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई।

खास बात यह रही कि इस घोषणा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मंच पर मौजूद थे।

दस्तावेज़ में स्पष्ट कहा गया कि इस हमले के अपराधियों, आयोजकों और उनके समर्थकों को सजा दिलाना आवश्यके है।

इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।

भारत की आपत्ति से बदला रुख

दरअसल, जून में हुई SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहलगाम हमले का कोई जिक्र नहीं किया गया था।

भारत ने इसे लेकर नाराजगी जताई थी और दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था।

उस समय भारत का तर्क था कि आतंकवाद से जुड़े किसी भी मुद्दे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रिय पहल और सख्त रुख के चलते यह हमला आधिकारिक घोषणापत्र का हिस्सा बना।

मोदी-पुतिन-जिनपिंग की ट्रायो डिप्लोमेसी

इस समिट का एक और बड़ा आकर्षण तीन बड़े देशों के बड़े चेहरों का एक साथ दिखना।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ दिखे।

तीनों नेताओं को आपस में बात करते और हंसते हुए देखा गया।

इसे कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक ट्रायो डिप्लोमेसी की नई झलक मान रहे हैं।

भारत-रूस-चीन के रिश्तों में SCO मंच पर दिखाई यह सामंजस्य वैश्विक राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

एक ही कार में दिखे मोदी और पुतिन 

प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन समिट स्थल पर एक ही कार से पहुंचे।

फोटो सेशन के दौरान दोनों नेताओं ने गले मिलकर गर्मजोशी का प्रदर्शन किया।

इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बगल में खड़े चुपचाप सब कुछ देखते रहे।

इस दृश्य ने सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचा।

आतंकवाद पूरी मानवता के लिए खतरा- मोदी

समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद पर सख्त लहजे में कहा कि:

भारत चार दशकों से आतंकवाद झेल रहा है और हाल ही में पहलगाम में इसका सबसे बुरा रूप देखा।

आतंकवाद सिर्फ एक देश की सुरक्षा नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती है।

कुछ देशों का आतंकवाद को खुला समर्थन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि अगर सुरक्षा, स्थिरता और शांति किसी भी देश के विकास की बुनियाद हैं, तो फिर ऐसे दोहरे मापदंड क्यों अपनाए जा रहे हैं?

SCO: सिक्योरिटी, कनेक्टिविटी और अपॉर्चुनिटी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सोच तीन स्तंभों पर आधारित है—

  • S: सिक्योरिटी (सुरक्षा)
  • C: कनेक्टिविटी (संपर्क)
  • O: अपॉर्चुनिटी (अवसर)

उन्होंने कहा कि भारत SCO में एक सकारात्मक भूमिका निभा रहा है और संगठन को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय योगदान देने को तैयार है।

SCO स्थिरता का नया मॉडल- पुतिन 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन स्थिरता और सुरक्षा का नया मॉडल है, जो अब यूरोप-केंद्रित और यूरो-अटलांटिक व्यवस्था की जगह ले रहा है।

उन्होंने भारत और चीन की सराहना करते हुए कहा कि यूक्रेन संकट के समाधान के प्रयासों में दोनों देशों की भूमिका बेहद अहम है।

आतंकवाद, अलगाववाद, उग्रवाद के खिलाफ SCO

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि SCO आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ है और चीन इस संगठन को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सदस्य देशों के लिए 2 बिलियन युआन (करीब 281 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की ग्रांट देने की घोषणा की।

उनका कहना था कि वैश्विक नीति में धमकाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है।

 

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