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- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने की इंदौर में 3 घाट बनाने की घोषणा
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा असंभव काम करने वाले होते हैं बिहारी
- इंदौर में पहली बार मना बिहार दिवस
Bihar diwas in Indore- इंदौर। इंदौर में पहली बार मनाये गए बिहार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा इंदौर में छठ पूजा के लिए तीन तालाबों पर घाट बनाये जायेंगे । टिगरिया बादशाह और पिल्याहना तालाब पर 2 घाट बनेंगे। सरकार की सहभागिता से मेले का आयोजन भी होगा।
भोजपुरी भाषा में हमारा भी योगदान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जब विधर्मी यहां आए तो परमार वंश के शासकों ने देश-धर्म बचाने के लिए पूर्वोत्तर में शरण ली। उन्होंने बिहार में शरण ली। इसलिए भोजपुरी भाषा में हमारा भी योगदान है। ऐसे कई ऐतिहासिक प्रमाण मिलेंगे। हमारी चंबल नदी गंगा जी से मिलकर बिहार की तरफ यात्रा करती है। सोन नदी छत्तीसगढ़ होते हुए बिहार में प्रेम लुटाती है। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि असंभव से असंभव काम करने वाला बिहार से आता है। हमारी तो एक खदान में हीरा है। आपके तो पूरे बिहार में हीरे ही हीरे भरे पड़े हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं यहां 3 बातें कहने आया हूं। पहली इंदौर में रहें, इंदौर में जमे और बिहार को प्यार करें। दूसरी बात, खूब अच्छा काम करिए और मध्यप्रदेश के विकास में सहयोगी बनिए। अच्छे नागरिक के रूप में काम करिए। तीसरी बात अपने परिवार को थोड़ा टाइट करिए। बिहार सही रास्ता पर रहना चाहिए। आप समझ रहे हैं न मैं क्या कहना चाहता हूं। बिहार सही रास्ता पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का विकास करो और बिहार को भी याद रखो।
इस अवसर पर मौजूद बिहार की विधायक गायत्री देवी ने कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया । उन्होंने कहा आपकी भूमि ने बिहार के प्रवासी भाईयों और बहनों को कर्मभूमि दी।
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