मध्यप्रदेश में 27 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसमें से 25 विधायक ऐसे हैं जो कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में आये हैं। यदि ये जीत जाते हैं तो लोकतंत्र और आपके वोट पर किसी को भरोसा नहीं रहेगा।
चुनी हुई सरकारें ऐसे ही ख़रीदी बेचीं जाती रहेगी। देश के लोकतंत्र और अपने वोट की कीमत बनाये रखने को ऐसे लोकतंत्र के गद्दार और हत्यारे नेताओं की हार जरुरी है।
इन विधायकों के कारण मध्यप्रदेश में एक चुनी हुई सरकार गिर जाती है, जनता को फिर से उपचुनाव में जाना पड़ रहा है। इस पूरे चुनाव का खर्च हमारी आपकी जेब पर ही पड़ेगा। साथ ही पूरे देश में एक ट्रेंड चल पड़ेगा इस तरह से सरकारें गिराने बनाने का।
जरुरी है, हम ऐसे लोगों को पहले कदम पर ही बाहर कर दें। इससे ये होगा कि भविष्य में न कोई पार्टी विधायक खरीदने का साहस करेगी न बाज़ार में कोई विधायक अपनी बोली लगवाने को खड़ा होगा।
You may also like
-
मंत्री सारंग ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भारत विस्तार (VISTAAR) प्लेटफॉर्म से किसानों को जोड़ने के दिए निर्देश
-
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR-प्रभावित परिवारों संग CEC से की मुलाकात
-
सोनम वांगचुक सुनवाई: केंद्र सरकार ने कहा है कि सोनम वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसा बनाना चाहते हैं।
-
राहुल गांधी के डोकलाम बयान पर संसद में घमासान
-
Budget 2026: मध्य प्रदेश को क्या हासिल हुआ? जानिए!
