Delhi Aabkari Neeti Maamla: केजरीवाल और सिसोदिया को सीबीआई केस में बड़ी राहत, अदालत ने किया डिस्चार्ज
दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से दर्ज केस में डिस्चार्ज कर दिया।
अदालत के इस फैसले से केजरीवाल और सिसोदिया सहित कुल 21 आरोपियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
यह मामला जुलाई 2022 में दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार द्वारा उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को सौंपी गई एक रिपोर्ट से सामने आया था।
“शराब घोटाले केस” में बरी होने वाले सभी 23 नाम-
- अरविंद केजरीवाल
- मनीष सिसोदिया
- के. कविता
- दुर्गेश पाठक
- कुलदीप सिंह
- नरेंद्र सिंह
- विजय नायर
- अभिषेक बोइनपल्ली
- अरुण पिल्लई
- मूथा गौतम
- समीर महेंद्रू
- अमनदीप सिंह ढल
- अर्जुन पांडे
- बुचिबाबू गोरंतला
- राजेश जोशी
- दामोदर प्रसाद शर्मा
- प्रिंस कुमार
- अरविंद कुमार सिंह
- चनप्रीत सिंह
- अमित अरोरा
- विनोद चौहान
- आशीष चंद माथुर
- शरत रेड्डी
यह भी पढ़ें- केरल से केरलम तक, अब दिल्ली पर सियासी बहस: ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम की मांग क्यों उठी?
रिपोर्ट में दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 के गठन और लागू करने में कथित प्रक्रियागत खामियों की ओर इशारा किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन आबकारी मंत्री के रूप में मनीष सिसोदिया द्वारा लिए गए कुछ एकतरफा और मनमाने फैसलों के कारण सरकारी खजाने को लगभग 580 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया था।
इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि शराब कारोबार से जुड़े कुछ मालिकों और संचालकों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया, जैसे लाइसेंस फीस में छूट, पेनल्टी माफ करना और कोविड-19 के दौरान कारोबार में आई बाधाओं के नाम पर राहत देना।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि कथित रूप से मिले किकबैक का इस्तेमाल 2022 में पंजाब और गोवा में हुए विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया।
दिल्ली आबकारी नीति नवंबर 2021 में लागू हुई थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद जुलाई 2022 में इसे वापस ले लिया गया। इस नीति से जुड़े मामले में दो अलग-अलग जांच एजेंसियों ने केस दर्ज किए थे, एक सीबीआई द्वारा और दूसरा कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा।
इस पूरे प्रकरण के दौरान आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जेल भी जा चुके हैं। इनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शामिल हैं। शुक्रवार को अदालत के फैसले के बाद मीडिया को संबोधित करते समय अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए और उन्होंने इसे सच और न्याय की जीत बताया।
आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा को घेरा कही बड़ी बात
दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल समेत सभी आरोपियों के बरी होने पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने लोकप्रिय और ईमानदार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, साथ ही काबिल और ईमानदार शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित साज़िश रची।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ झूठे मामले गढ़े गए। संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश, अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार से माफी मांगनी चाहिए और यह भी जोड़ा कि सच को हराया नहीं जा सकता आख़िरकार जीत हमेशा सच की ही होती है।
केजरीवाल ने कहा आज दिल्ली में चुनाव करा दिए जाएं, तो भाजपा 10 से ज़्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आज दिल्ली में चुनाव करा दिए जाएं, तो भाजपा 10 से ज़्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने राजधानी में 500 नए स्कूल बनाए, 200 सड़कें बनाईं और जनहित के कई काम किए। केजरीवाल ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पहले 5000 हजार स्कूल और 2000 सड़कें बनाकर दिखाए, उसके बाद जनता खुद फैसला कर लेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यमुना की हालत खराब है, स्कूलों और सड़कों की स्थिति बिगड़ी हुई है और मोहल्ला क्लीनिकों की व्यवस्था भी चरमरा गई है।
केजरीवाल ने कहा कि इस पूरे मामले की वजह से उनके परिवार को भारी मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी। उनकी मां अस्पताल तक पहुंचीं और परिवार गहरे तनाव में रहा। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया के परिवार की परेशानियां भी किसी से छिपी नहीं हैं। उनका आरोप था कि इस साजिश का असर सिर्फ नेताओं पर नहीं, बल्कि दिल्ली की करोड़ों जनता पर पड़ा। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर चुनाव में भाजपा 10 से अधिक सीटें जीत लेती है, तो वे सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने जीवन में सिर्फ सम्मान और ईमानदारी अर्जित की है, कभी धन नहीं। अदालत के फैसले से यह साफ हो गया कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता बेदाग हैं। उन्होंने कहा कि जेल और आरोपों ने उन्हें भीतर से तोड़ा, क्योंकि वे आम नेताओं की तरह बेपरवाह नहीं हैं। अंत में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पूरे मामले के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सोची-समझी रणनीति थी, जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।
CBI ने कहा हाई कोर्ट जाएंगे
You may also like
-
डर इतना हावी है की सरकार ने एक साल में 1 लाख से ज्यादा कंटेंट ब्लॉक कर डाले !
-
ट्रंप-मोदी बातचीत में ‘मस्क एंगल’: कूटनीति में कॉरपोरेट की एंट्री पर सवाल!
-
29 मार्च की शाम को आप भोपाल के इस अनूठे आयोजन में जरूर आइये
-
धुरंधर 2 ने दिखाया नोटबंदी का ऐसा नैरेटिव… बीजेपी भी इससे वाकिफ नहीं रही होगी….!
-
लॉकडाउन अफवाह: बयान से बढ़ा डर, सरकार ने किया खंडन!
