प्रदेश के कद्दावर मंत्री के खिलाफ अफसरों की साजिश !

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प्रदेश के कद्दावर मंत्री के खिलाफ अफसरों की साजिश !

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नाराज विजयवर्गीय से आईएएस संजय
 दुबे ने कह दिया आप मुझे सस्पेंड करो
#politicswala Report
भोपाल। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय आजकल खफा है। वे आपा  खो रहे हैं। उनके करीबी लिख रहे हैं कैलाश जी अपने पुराने अंदाज़ में लौट आये हैं। पुराना अंदाज़ यानी रुतबे के साथ गलत करने वालों को सिर के बल खड़ा कर देना। पर आजकल उनकी अफसर सुन नहीं रहे। उनके करीबी कह रहे हैं उनके खिलाफ अफसरों को लगाकर साजिश रची जा रही है। अफसर किसी के इशारे पर उनको तवज्जो नहीं दे रहे।
ये बात वे खुद कह चुके हैं। वे अफसरों परइतने खफा दिखे कि दोषी को सस्पेंड करने की बात कह दी। इस पर एसीएस संजय दुबे ने उनको मुंह पर ही कह दिया-मुझे ही सस्पेंड कर दो। यानी एक कद्दावर नेता मंत्री अफसरों से मात खा रहा है। अफसरों के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से गुहार लगाने को मजबूर है।

विधानसभा में हुए भागीरथपुरा मामले  से मंत्री खासे नाराज हैं। दरअसल  20 फरवरी को विधानसभा में  जहरीले पानी के कांड के  प्रस्ताव पर चर्चा  थी। नगरीय निकाय  मंत्री होने के नाते कैलाश विजयवर्गीय को ही इस पर जवाब देना  था। विधानसभा में  भागीरथपुरा कांड पर मंत्री ने  नैतिक जिम्मेदारी  भी ली और विस्तार से बताया कि यह किस तरह से सामूहिक चूक हुई। उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में 20 लोगों की मौतें हुई हैं।

इधर, स्थगन प्रस्ताव के दौरान  ही, कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह कैलाश विजयवर्गीय पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगा दिया। जयवर्धन ने कहा कि, मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न  में मंत्रीजी ने बताया है कि भागीरथपुरा में कुल 20 मौतें हुई है। लिखित उत्तर  के पहले पेज पर 20 मौत का जिक्र है।  इसी के अंदर के पेज पर 22 मौत लिखी हुई है।
जयवर्धन यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि कल 19 फरवरी को भी नेता प्रतिपक्ष उमग सिंघार को दिए गए उत्तर में 20 मौतों की बात की गई है। मंत्री सदन में गलत जानकारी दे रहे हैं। सदन में इस बात पर चर्चा होना चाहिए कि सरकार सही आंकड़ा क्यों नहीं दे पा रही है? अब तक सिर्फ 20 पीड़ित परिजनों तक ही मुआवजा क्यों पहुंचा है?

और तोमर के सामने गुस्साए  कैलाश

विभाग के अफसरों द्वारा ठीक से बीफिंग नहीं मिलने के कारण  विजयवर्गीय नाराज  हो गए। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कक्ष में उन्होंने इस पर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी। इस दौरान बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे। मंत्री इस कदर नाराज थे कि उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों पर उनके खिलाफ साजिश करने के  आरोप लगा दिए। कहा कि, अफसर उनको घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी देख तोमर ने नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबै को बुलवा लिया। तोमर ने संजय दुबे से कहा कि इतना संवेदनशील मामला है। आपकी ओर से मंत्रीजी को ये कैसा जवाब लिखा गया है? कुछ भी साफ नहीं है।

इसी बीच कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि जवाब किसने बनाया  था, उसको सस्पेंड कीजिए।इस पर एसीएस संजय दुबे ने कहा कि जवाव तो मेरे साइन से ही आया है, इसलिए मुझे ही सस्पेंड कीजिए।इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि क्या आप पढ़ते नहीं हैं? आपके गलत जवाब के कारण विपक्ष मुझ पर हमलावर हुआ।

आईएएस ने मंत्री पर ही फोड़ा ठीकरा
आपने ठीक से पढ़ा समझा नहीं

आईएएस संजय दुबे ने कहा कि हमारी गलती नहीं है। जबाव तो सहीं बना है, आपने ठीक से पड़ा और समझा ही नहीं। उन्होंने बताया कि जवाब में साफ लिखा है कि 20 लोगों की मोत दूषित पाली के कारण हुई है। इसके अलावा 8 लोगों की मौत का कारण पानी नहीं, बल्कि दूसटी बीमारियों या दूसरे कारण  थे, जबकि 4 मोतों का कारण दूषित पानी के साथ ही अन्य बीमारिया भी माना गया है। ये कारण पीएम रिपोर्ट में आए हैं।

तो बीच में सुधार क्यों नहीं किया

इस पर मंत्री बोले कि जब विपक्ष आकड़ों पर सवाल उठा रहा था तो आपने सदन (एमपी विधानसभा) में पचीं भेजकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की? इस दौरान  मंत्री काफी भड़क रहे थे। हालांकि आखिर में प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के समझाने पर मामला शांत हुआ। अंत में ये  ही माना गया कि  जवाब तो सही लिखा गया है, बस मंत्रीजी ने जल्दबाजी में उसे ठीक से पढ़ा नहीं और ना ही  अफसरों  ने उनको सही तरीके से बीफ किया।

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