Congress Candidate List: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच कांग्रेस की पहली उम्मीदवार सूची लगभग तैयार हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने 13 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगा दी है, बस आधिकारिक ऐलान बाकी है।
कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम अपने सिटिंग सीट कुटुंबा से फिर से चुनाव लड़ेंगे।
वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान को कदवा सीट से दोबारा प्रत्याशी बनाया गया है।
पार्टी का मानना है कि इन दोनों नेताओं का जनाधार मजबूत है और वे अपनी सीटें दोबारा जीतने में सक्षम हैं।
इन 13 सीटों पर कांग्रेस ने तय किए नाम
कांग्रेस की इस पहली सूची में 13 नाम फाइनल माने जा रहे हैं —
- कुटुंबा (औरंगाबाद) – राजेश राम
- कदवा (किशनगंज) – शकील अहमद खान
- किशनगंज – इजहारुल हुसैन
- मनिहारी – मनोहर प्रसाद सिंह
- मुजफ्फरपुर – विजेंद्र चौधरी
- करहगर (रोहतास) – संतोष मिश्रा
- औरंगाबाद – आनंद शंकर सिंह
- बेगूसराय – अमिता भूषण
- बछवाड़ा (बेगूसराय) – शिवप्रकाश गरीब दास (यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष)
- रीगा (सीतामढ़ी) – अमित कुमार टुन्ना
- रोसड़ा (समस्तीपुर) – बी.के. रवि
- वारिसलीगंज (नवादा) – सतीश कुमार
- चेनारी (रोहतास) – मंगल राम
पार्टी युवा चेहरों को मौका देकर संगठन में ऊर्जा लाना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, बछवाड़ा सीट से यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रकाश गरीब दास को टिकट देना तय माना जा रहा है।
ऑनलाइन बैठक में उम्मीदवार सूची पर अंतिम मुहर
कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की आज ऑनलाइन बैठक हो रही है, जिसमें इन 13 नामों पर चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
इसके बाद 11 अक्टूबर को केंद्रीय चुनाव समिति बैठक करेगी और लिस्ट पर औपचारिक मुहर लगाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, 12 अक्टूबर तक महागठबंधन में सीट समझौते का फार्मूला तय होना है।
लेकिन अगर बातचीत में देरी होती है, तो कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पहले चरण की सीटों पर स्वतंत्र रूप से नामांकन प्रक्रिया शुरू कर देगी।
महागठबंधन में बढ़ सकती है खींचतान
राजद और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद अब भी बने हुए हैं।
कांग्रेस ने इस बार 70 से अधिक सीटों की मांग की है, जबकि राजद 50 से ज्यादा देने के मूड में नहीं है।
कांग्रेस ने कहा है कि अगर जल्द फार्मूला तय नहीं हुआ, तो पार्टी अपने मजबूत क्षेत्रों में अकेले मैदान में उतरने से पीछे नहीं हटेगी।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी पहले चरण में आने वाली औरंगाबाद, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, नवादा, सीतामढ़ी और समस्तीपुर की सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।
पुराने चेहरों के साथ नए युवाओं पर भरोसा
कांग्रेस की इस लिस्ट से यह स्पष्ट है कि पार्टी ने पुराने और अनुभवी नेताओं को बरकरार रखा है, साथ ही संगठन में सक्रिय युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह लिस्ट कांग्रेस के अंदर एक संतुलन साधने की कोशिश है — संगठन के पुराने स्तंभों को भी बनाए रखना और नई ऊर्जा को भी आगे लाना।
अगर सीट शेयरिंग में सहमति बन जाती है, तो कांग्रेस अगले हफ्ते औपचारिक घोषणा कर सकती है।
बिहार में महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे की बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस ने चुनावी मैदान में उतरने की अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
पहली लिस्ट को लेकर हो रही चर्चा से साफ है कि पार्टी संगठन और जनाधार दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है, ताकि राज्य में अपने खोए जनाधार को वापस हासिल किया जा सके।
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