सत्य निकेतन हादसे पर CM का बड़ा फैसला, घायलों को 5 लाख
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की और प्रत्येक घायल को राहत कोष से 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की। हादसे के बाद प्रशासन ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सत्य निकेतन और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद इमारतों की सुरक्षा की विस्तृत जांच की जाए। जिन भवनों को खतरनाक पाया जाएगा, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि लोगों की जान और सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
MCD अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इमारत गिरने के मामले में नगर निगम के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। MCD के दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरों को निलंबित किया गया है।
निलंबित अधिकारियों में अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार शामिल हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुई इस कार्रवाई के बाद MCD ने दिल्लीभर में इमारतों की जांच का फैसला किया है।
एम्स जाकर सत्य निकेतन हादसे में घायल छात्रों से मिली और उनके उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उनके परिजनों से भी बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया कि एम्स के चिकित्सकों द्वारा सभी घायलों को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार, दुर्घटना में घायल हुए सभी छात्रों के उपचार का…
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) September 8, 2026
विशेष तौर पर ऐसी इमारतों का निरीक्षण किया जाएगा, जिनमें तय ऊंचाई या मंजिल सीमा से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहर में पांच मंजिला इमारतों की भी जांच कर उन्हें सील करने के निर्देश दिए हैं, जहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा।
हादसे में 7 लोगों की मौत
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय भवन का इस्तेमाल पेइंग गेस्ट यानी PG के तौर पर किया जा रहा था। घटना में सात लोगों की जान चली गई, जबकि तीन घायल अभी अस्पताल में गंभीर स्थिति में बताए जा रहे हैं।
हादसे के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इमारत के बेसमेंट में पानी के रिसाव की समस्या को ठीक करने के लिए मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस अब उस ठेकेदार की तलाश कर रही है, जो इस काम से जुड़ा था।
खतरनाक इमारतों पर होगी कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में भवन सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई अन्य इमारतें भी लोगों की जान के लिए खतरा तो नहीं बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दिल्ली में भवनों के निरीक्षण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि जांच के दौरान यदि किसी इमारत की स्थिति असुरक्षित मिलती है, तो उसे खाली कराने या हटाने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
You may also like
-
दिल्ली SIR में सामने आईं गड़बड़ियां, जिंदा लोगों को वोटर लिस्ट में मृतक दिखाने का आरोप
-
सहारनपुर मस्जिद विवाद: कार्रवाई पर आमने-सामने सरकार-विपक्ष
-
वडोदरा में PM मोदी का मेगा शो, शो में किसे कहा ‘नाराज फूफा’
-
सत्य निकेतन हादसे पर MCD का बड़ा एक्शन, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड
-
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या, CCTV से खुला राज
