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पलाथाई बलात्कार मामले में एक बड़े फ़ैसले में, थलास्सेरी प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने शनिवार को शिक्षक और भाजपा नेता के. पद्मराजन को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने उन्हें 14 नवंबर को POCSO अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत दोषी पाया था.
पद्मराजन को दो POCSO धाराओं के तहत 40 साल के सख्त कारावास के साथ-साथ IPC के तहत मृत्यु तक आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है. जेल की सज़ा के अलावा, अदालत ने उन पर 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. थलास्सेरी POCSO कोर्ट ने फरवरी 2024 में शुरू हुई सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाया। उन पर POCSO अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए थे, और IPC 376 AB भी आरोपी के खिलाफ़ लगाया गया.
अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक शिक्षक के रूप में काम करने वाले पद्मराजन ने जनवरी 2020 में बच्ची को स्कूल के बाथरूम में ले जाकर बार-बार उसका यौन शोषण किया।
मामले को मज़बूत बनाने के लिए, अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित 40 गवाहों की गवाही पेश की और 14 भौतिक सबूतों के साथ 77 दस्तावेज़ जमा किए. इस मामले ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया था, क्योंकि जांच टीम को पांच बार बदला गया था और अंतरिम चार्जशीट में शुरू में POCSO अधिनियम के तहत आरोप शामिल नहीं थे।
चाइल्ड लाइन को सबसे पहले यह जानकारी मिली थी कि स्कूल के शौचालय में एक दस साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया गया. बच्ची की मां द्वारा दर्ज़ कराई गई शिकायत के आधार पर पनूर पुलिस ने 17 मार्च, 2020 को मामला दर्ज़ किया था.
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