बेरोजगारी सबसे ज्यादा हरियाणा में 26.8 फीसदी इसके बाद राजस्थान में 26.6 फीसदी, जम्मू और कश्मीर में 23.1 फीसदी, सिक्किम 20.7 प्रतिशत, बिहार में 17.6 प्रतिशत और झारखंड में 17.5 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है
दिल्ली। सरकारें कितनी ही खुशहाली की बात करें पर देश में रोजगार घट रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है। सीएमआईई ने भारत में बेरोजगारी के आंकड़े जारी किए हैं। इस डेटा के मुताबिक, मार्च में भारत में बेरोजगारी दर तेजी से बढ़ी है, जो तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। यह बेरोजगारी ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत समेत ग्लोबल स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। कई दिग्गज कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल चुकी हैं और यह आंकड़ा आगे बढ़ सकता है। देश में बेरोजगारी दर दिसंबर 2022 में बढ़कर 8.30 प्रतिशत हो गई, लेकिन जनवरी में घटकर 7.14 प्रतिशत रह गई थी। सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में फिर से बेरोजगारी में इजाफा हुआ और यह बढ़कर 7.45 प्रतिशत हो गया। वहीं मार्च के नए डेटा के अनुसार भारत में बेरोजगरी दर 7.8 फीसदी के उच्च स्तर पर है।
खराब हो चुका लेबर मार्केट:
सीएमआईई के डेटा के मुताबिक, मार्च में भारत के शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 8.4 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि ग्रामीण एरिया में बेरोजगारी 7.5 प्रतिशत है. सीएमआईई के मैनेजिंग डायरेक्टर महेश व्यास ने कहा कि मार्च 2023 में भारत का लेबर मार्केट खराब हो चुका है। बेरोजगारी बढ़ने की सबसे बड़ी वजह देश में बड़ी छंटनी है, जो 39.8 फीसदी है।
कर्मचारियों की संख्या में गिरावट :
महेश व्यास ने बताया कि लेबर मार्केट की स्थितियों में गिरावट के कारण फरवरी में रोजगार दर 36.9 प्रतिशत से गिरकर मार्च में 36.7 प्रतिशत हो गई है। इस अवधि के दौरान कर्मचारियों की संख्या भी 409.9 मिलियन से घटकर 407.6 मिलियन हो चुकी है।
हरियाणा में बेरोजगारी सबसे ज्यादा :
मार्च के आंकड़ों के मुताबिक, बेरोजगारी सबसे ज्यादा हरियाणा में 26.8 फीसदी थी। इसके बाद राजस्थान में 26.6 फीसदी, जम्मू और कश्मीर में 23.1 फीसदी, सिक्किम 20.7 प्रतिशत, बिहार में 17.6 प्रतिशत और झारखंड में 17.5 प्रतिशत पर पहुंच चुकी है।
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