Nepal Flood 2026

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नेपाल में बाढ़ की तबाही: भोटेकोशी नदी क्यों बनी मौत का सैलाब? 5 बड़े कारण

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नेपाल में बाढ़ की तबाही: भोटेकोशी नदी क्यों बनी मौत का सैलाब? जानिए 5 बड़े कारण

नेपाल में बुधवार को भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने रासुवा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ के तेज बहाव के साथ मलबा भी नीचे की ओर आया, जिससे कई बस्तियां, सड़कें, पुल और बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए।

नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, शाम तक कम से कम 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि 384 लोगों के संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या विदेशी यात्रियों की है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

ग्लेशियर से हिमस्खलन (Avalanche): विशेषज्ञों का प्राथमिक आकलन है कि भोटेकोशी की सहायक नदी ‘लेंदे खोला’ के ऊपरी हिस्से में किसी ग्लेशियर से भारी हिमस्खलन हुआ। इस हिमस्खलन ने नीचे जलधारा में पानी और मलबे की मात्रा को अचानक बढ़ा दिया।

नदी में मलबे का जमाव और अचानक टूटना: बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो गया, जिससे एक अस्थायी प्राकृतिक झील या बांध बन गया। जब पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ा, तो यह डैम अचानक टूट गया और नीचे के इलाकों में पानी का प्रचंड सैलाब आ गया।

संभावित हिमानी झील विस्फोट (GLOF): चूंकि भोटेकोशी नदी का उद्गम तिब्बत (चीन) से होता है, जल-वैज्ञानिकों का मानना है कि तिब्बत क्षेत्र में स्थित किसी हिमानी झील का विस्फोट (Glacial Lake Outburst Flood) भी इस तबाही की बड़ी वजह हो सकता है।

सूखे मौसम के बावजूद अचानक जल-स्तर में वृद्धि: रसुवा ज़िले में घटना से ठीक पहले मौसम पूरी तरह सूखा था। बिना स्थानीय मानसूनी बारिश के नदी का अचानक उफ़ान पर आना हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों और चरम मौसमी घटनाओं (Extreme Weather Events) की ओर सीधा संकेत करता है।

ग्यीरोंग सीमा क्षेत्र में भूस्खलन (Mudslide): चीन-नेपाल सीमा पर स्थित ग्यीरोंग पोर्ट क्षेत्र में भारी कीचड़ वाला भूस्खलन हुआ, जिससे सीमा चौकी प्रभावित हुई और तिब्बत की तरफ भी नुकसान दर्ज किया गया। पहाड़ की यही अस्थिरता नदी के उफान का कारण बनी।

हाल का हाल और राहत-बचाव 

  • जन-धन की हानि: आपदा के कारण अब तक कम से कम 22 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग लापता हैं। प्रभावितों में कई देशों (ब्रिटेन, अमेरिका, भारत, मलेशिया आदि) के पर्यटक भी शामिल हैं।
  • आपातकालीन अभियान: नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल हेलीकॉप्टरों और मेडिकल टीमों के साथ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर बचाव अभियान चला रहे हैं।
  • निचले इलाकों के लिए अलर्ट: अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पानी का बहाव आगे चलकर त्रिशूली नदी और अंततः भारत की ओर बहने वाली गंडक नदी को प्रभावित कर सकता है। निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

वैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन दल फिलहाल घटना के सटीक कारणों और सैटेलाइट डेटा की गहन जांच कर रहे हैं

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