E20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल का बड़ा बयान

गोवा में टाउनहॉल के दौरान E20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया।

E20 पर केजरीवाल का बड़ा ऐलान, 5 दिन में हटाने का दावा

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E20 पर केजरीवाल का बड़ा दावा, बोले- सरकार बनी तो 5 दिन में हटाऊंगा, नहीं तो राजनीति छोड़ दूंगा

एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी E20 को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा ऐलान किया है।

गोवा में आयोजित एक टाउनहॉल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर गोवा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती है तो पांच दिन के भीतर E20 पेट्रोल को वापस लेने का फैसला किया जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

केजरीवाल ने E20 को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि गोवा में बड़ी संख्या में लोग E20 पेट्रोल के कारण परेशान हैं और कई वाहन मालिकों को यह जानकारी तक नहीं है कि उनके वाहन में डाला जा रहा पेट्रोल E20 है।

उनके मुताबिक, इससे वाहनों के माइलेज पर असर पड़ रहा है और पेट्रोल की खपत बढ़ रही है।

AAP संयोजक ने कहा कि चुनाव के नतीजे आने के बाद अगर गोवा और उत्तर प्रदेश में भाजपा को हार मिलती है, तो उनकी सरकार बनने की स्थिति में E20 को लेकर फैसला तेजी से लिया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि सत्ता में आने के पांच दिन के भीतर E20 को हटाने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।

केजरीवाल ने अपने दावे के समर्थन में ऑटोमोबाइल कंपनियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 29 वाहन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखा और उनसे बातचीत की।

केजरीवाल के मुताबिक, कुछ कंपनियों के अधिकारियों ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर E20 को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि E20 के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जा सकता है।

केजरीवाल ने SIAM की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए भी E20 को लेकर सवाल उठाए और दावा किया कि बाद में रिपोर्ट के निष्कर्षों को लेकर बदलाव किया गया। इन आरोपों पर केंद्र या संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया इस बयान में सामने नहीं आई है।

E20 के मुद्दे को केजरीवाल ने चीनी की कीमतों से भी जोड़ा। उनका दावा है कि गन्ने का एक बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में जाने की वजह से चीनी के उत्पादन और कीमतों पर असर पड़ा है। हालांकि, केंद्र सरकार पहले ही ऐसे आरोपों को खारिज कर चुकी है

सरकार का कहना है कि देश में घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक उपलब्ध है और कीमतों को लेकर स्थिति पर उद्योग स्तर पर भी नजर रखी जा रही है।

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