सलकनपुर मंदिर के चंदा हेराफेरी के मामले में, शिवराज की शिकायत मोहन तक पहुंची!
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सलकनपुर स्थित बिजासन देवी मंदिर को लेकर भ्रष्टाचार और वन भूमि के इस्तेमाल से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। ‘सिस्टम परिवर्तन अभियान’ के अध्यक्ष आजाद सिंह डबास ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजकर सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के कामकाज, मंदिर के चढ़ावे, ‘श्री देवी महालोक’ निर्माण और वन भूमि के कथित हस्तांतरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
18 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में संगठन ने आरोप लगाया है कि सलकनपुर मंदिर में चढ़ावे की राशि में लंबे समय से गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। पत्र में वर्ष 2021 में मंदिर के स्ट्रांग रूम का ताला तोड़कर कथित तौर पर दान की रकम से भरी छह बोरियां चोरी होने की घटना का भी उल्लेख किया गया है। संगठन ने इस मामले को मंदिर की सुरक्षा और चढ़ावे की पारदर्शिता से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।
पत्र में सलकनपुर मंदिर परिसर में चल रहे ‘श्री देवी महालोक’ निर्माण कार्य में भी भारी भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया गया है। संगठन का दावा है कि इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से करीब 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
संगठन ने सवाल उठाया है कि मंदिर परिसर में बड़े स्तर पर निर्माण और विकास कार्य होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विश्राम स्थल, पार्किंग, सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर अभी भी समस्याएं हैं।
पत्र में सलकनपुर क्षेत्र में वन भूमि के इस्तेमाल और कथित हस्तांतरण का मुद्दा भी उठाया गया है। संगठन ने दावा किया है कि ‘देवी महालोक’ के निर्माण के लिए कई हेक्टेयर वन भूमि की मांग की गई थी। पत्र में वर्ष 2023 के वन विभाग से संबंधित पत्राचार का हवाला देते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
संगठन का आरोप है कि नियमों के विपरीत वन भूमि ट्रस्ट को दिए जाने की स्थिति की जांच होनी चाहिए और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
महेश उपाध्याय को पद से हटाकर जांच की मांग
सिस्टम परिवर्तन अभियान ने मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय की भूमिका की भी जांच की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल में मंदिर के चढ़ावे, निर्माण कार्यों और ट्रस्ट की अन्य गतिविधियों को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। पत्र में महेश उपाध्याय को पद से हटाकर उच्च स्तरीय जांच कराने और ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच की मांग भी की गई है।
शिवराज सिंह चौहान की भूमिका पर भी सवाल
पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठन ने आरोप लगाया है कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था में बदलाव किए गए और महेश उपाध्याय को दोबारा अध्यक्ष बनाया गया। हालांकि, शिवराज सिंह चौहान या महेश उपाध्याय की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया इस पत्र में दर्ज नहीं है और पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को फिलहाल संगठन द्वारा लगाए गए आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कई विभागों को भी भेजी गई शिकायत
संगठन की ओर से शिकायत की प्रतियां मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के अधिकारियों तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। पत्र में सलकनपुर धाम में चढ़ावे की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने, मंदिर की जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त करने और वन भूमि से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की गई है।
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