NEET Paper Leak: होटल के कमरों से शुरू हुआ खेल, CBI चार्जशीट में सामने आई परीक्षा घोटाले की पूरी कहानी
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 से जुड़े कथित पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि यह लीक परीक्षा से ठीक पहले हुई कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि महीनों पहले से योजनाबद्ध तरीके से तैयार की गई साजिश का हिस्सा थी।
आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ विषय विशेषज्ञों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों ने मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित किया।
होटल के कमरों में लिखे जाते थे प्रश्न
जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी समीक्षा के दौरान कुछ विशेषज्ञ सवालों को याद कर लेते थे। बाद में वे अपने होटल के कमरों में जाकर उन्हें कागज पर हाथ से लिखते थे ताकि किसी भी प्रकार का डिजिटल रिकॉर्ड न बन सके। यही नहीं, संबंधित विषयों के महत्वपूर्ण अध्यायों को NCERT पुस्तकों में चिन्हित कर आगे भेजा जाता था, जिससे संभावित प्रश्नों की पहचान आसान हो सके।
CBI का कहना है कि डिजिटल सबूतों से बचने के लिए मोबाइल फोन, कैमरा या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम का इस्तेमाल जानबूझकर नहीं किया गया।
कोचिंग नेटवर्क तक पहुंचते थे सवाल
चार्जशीट में दावा किया गया है कि प्रश्नों की जानकारी मिलने के बाद बिचौलियों का एक नेटवर्क सक्रिय हो जाता था। ये लोग विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों के जरिए चुनिंदा लोगों तक जानकारी पहुंचाते थे। इसके बाद कुछ कोचिंग संस्थानों में संभावित प्रश्नों के उत्तर तैयार कराए जाते थे ताकि परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को फायदा मिल सके।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का उद्देश्य आर्थिक लाभ कमाने के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों के परिणाम बेहतर दिखाकर उनकी बाजार में प्रतिष्ठा बढ़ाना था।
कई लोगों को बनाया गया आरोपी
CBI ने इस मामले में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों सहित कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें कुछ निजी कोचिंग संस्थानों से जुड़े अधिकारी, अस्पताल संचालक और कथित बिचौलिए भी शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि सभी ने अलग-अलग भूमिकाओं के माध्यम से इस कथित साजिश को अंजाम दिया।
पैसों के बदले सुरक्षा के अनोखे तरीके
जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य भी मिले हैं जिनसे पता चलता है कि कथित लीक सामग्री हासिल करने के लिए बड़ी रकम का लेन-देन होता था। आरोप है कि एक व्यक्ति ने भरोसा दिलाने के लिए अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र और हस्ताक्षरित खाली चेक तक बिचौलियों के पास सुरक्षा के तौर पर जमा करा दिए थे।
देशभर में कार्रवाई और बड़े पैमाने पर जांच
CBI ने इस मामले की जांच के दौरान कई राज्यों में छापेमारी की। एजेंसी ने सैकड़ों गवाहों के बयान दर्ज किए हैं और बड़ी संख्या में दस्तावेजी तथा भौतिक साक्ष्य जुटाने का दावा किया है। आरोपियों के बैंक खाते, लॉकर और अन्य वित्तीय संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
NEET-UG 2026 विवाद की पृष्ठभूमि
NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद देशभर में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगे थे। छात्रों और अभिभावकों के विरोध के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। इसी घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपी।
अब एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरे प्रकरण में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों की भी कोई भूमिका थी। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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नोट: यह खबर CBI द्वारा अदालत में दाखिल चार्जशीट में किए गए आरोपों और जांच एजेंसी के दावों पर आधारित है। मामले में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।
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