हमेशा राजनीति, राजनीतिक विश्लेषण और राजनीतिक दशा और दिशा की बात करने वाले ‘पॉलिटिक्सवाला’ पर आज हम राजनीति की बात नहीं करेंगे…
आज हम बात करेंगे युवाओं की। वह इसलिए, क्योंकि युवा ही गांवों, कस्बों, शहरों, प्रदेश और देश का मुस्तकबिल यानी भविष्य हैं…
और जब मोहन सरकार राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं की बात कर रही है, युवाओं के लिए सोच रही है और युवाओं के लिए नीतियां बना रही है, तो हमारा भी फर्ज बनता है, यह हमारा कर्तव्य है कि हम भी इस पर बात करें और इसे आप तक पहुँचाएं…
आज मोहन सरकार ने युवाओं के लिए दो बड़े और ऐतिहासिक फैसले किए हैं। कौन से हैं वे फैसले और उनका क्या असर युवाओं पर होगा, आइए बताते हैं:
साल 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया गया है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में इसका फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि ‘युवा वर्ष’ के दौरान रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, नवाचार, खेल, तकनीक और नेतृत्व जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसके लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि युवाओं से भी सुझाव लिए जाएंगे, ताकि नीतियां ज्यादा असरदार हो सकें। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विभागों से जुड़े सुझाव दें, ताकि एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा सके।
दरअसल, मोहन सरकार लगातार थीम-आधारित विकास की रणनीति पर काम कर रही है। साल 2025 को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’, 2026 को ‘कृषि वर्ष’ और अब 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित किया गया है। इसका उद्देश्य विकास की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना और योजनाओं को उसी दिशा में आगे बढ़ाना है।
युवाओं को लेकर सरकार पहले भी रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप और खेल गतिविधियों पर जोर देती रही है। अब ‘युवा वर्ष’ के जरिए इन प्रयासों को और अधिक व्यापक रूप देने की तैयारी है।
अब जब बात युवाओं की हो रही है, तो यह सभी जानते हैं कि युवाओं में नशे की लत एक आम बात है। यह सभी जानते हैं, लेकिन इससे मुक्ति और आजादी के लिए कभी किसी ने ईमानदार प्रयास नहीं किया।
प्रदेश में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान चलाया जा रहा है। 15 से 30 जुलाई तक चलाए जा रहे इस अभियान की शुरुआत 14 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की।
इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस, प्रशासन, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें मुख्य रूप से जागरूकता रैली, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, शपथ ग्रहण, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संवाद, जनचौपाल, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं, सोशल मीडिया अभियान तथा नशामुक्ति विषयक विशेष कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
इस कार्यक्रम को जन आंदोलन बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद्, समाजसेवी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न वर्गों के नागरिक उपस्थित रहेंगे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश साफ है—अगर मध्य प्रदेश को आगे बढ़ाना है, तो युवाओं को आगे लाना होगा और उन्हें नशामुक्त भी बनाना होगा। इसी सोच के साथ अब 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में तैयार किया जा रहा है और नशामुक्त अभियान शुरू किया गया है।
राजनीति और सरकार की योजनाओं से इतर, सरकार के ऐसे नवाचारों की सराहना होनी चाहिए और अच्छे कामों को जनता के बीच पहुँचाना चाहिए…
‘पॉलिटिक्सवाला’ भी जन सरोकारों को ध्यान में रखकर आपको हमेशा अपडेट करता रहेगा।
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