Datia By-Election: क्या बीजेपी में नरोत्तम मिश्रा का टिकट संकट में? दो नए नामों की चर्चा तेज
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी में उम्मीदवार के चयन को लेकर मंथन जारी है। पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। इस बीच पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के टिकट को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व दतिया के जातीय और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों का गहन आकलन कर रहा है। इसी वजह से उम्मीदवार की घोषणा में देरी हो रही है। चर्चा यह भी है कि केवल एक नाम पर भरोसा करने के बजाय पार्टी अन्य विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
नरोत्तम मिश्रा के सामने बढ़ी चुनौती
डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे समय तक मध्य प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान सरकार में वे गृह मंत्री और सरकार के प्रमुख चेहरों में शामिल थे। हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि उपचुनाव की घोषणा के बाद उन्होंने दतिया से लेकर दिल्ली तक संगठन और शीर्ष नेतृत्व के बीच सक्रिय संपर्क बनाए हैं। इसके बावजूद टिकट को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
टिकट की दौड़ में दो और दावेदार
बीजेपी के अंदर दो अन्य नेताओं के नाम भी प्रमुखता से सामने आ रहे हैं।
- रामनरेश यादव, जो वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।
- रघुवीर कुशवाह, जो भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दतिया में जातीय समीकरण इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी कारण पार्टी सभी संभावित उम्मीदवारों के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का आकलन कर रही है।
पार्टी क्यों कर रही है इंतजार?
बीजेपी नेतृत्व किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। दतिया उपचुनाव को संगठन प्रतिष्ठा का चुनाव मान रहा है। यही कारण है कि उम्मीदवार के चयन में जीत की संभावना, स्थानीय स्वीकार्यता और संगठनात्मक मजबूती जैसे सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया है। लेकिन इतना जरूर माना जा रहा है कि उम्मीदवार के चयन को लेकर प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक कड़ी हो गई है।
आखिर क्यों हो रहा है उपचुनाव?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई। इसके बाद यह सीट रिक्त घोषित हुई और निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी।
नजरें बीजेपी के फैसले पर
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बीजेपी एक बार फिर डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर भरोसा जताएगी या फिर किसी नए चेहरे को मौका देगी। फिलहाल पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जिसके बाद दतिया उपचुनाव की तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी।
यह भी पढ़ें- दतिया विधानसभा उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा के मुकाबले कौन?
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