मध्यप्रदेश में जमीन विवादों के लिए नई व्यवस्था: संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होगी आपत्ति
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मध्यप्रदेश में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक नई डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब नागरिक Sampada Portal के माध्यम से किसी भी संपत्ति पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य जमीन की रजिस्ट्री से पहले संभावित विवादों को सामने लाना और लोगों को पंजीयन कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत देना है।
कहीं से भी दर्ज कर सकेंगे ऑनलाइन आपत्ति
इस व्यवस्था के तहत राज्य का कोई भी नागरिक किसी भी जिले की जमीन पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकता है। जैसे ही पोर्टल पर शिकायत दर्ज होगी, उसका रिकॉर्ड सीधे संबंधित उप-पंजीयक (सब-रजिस्ट्रार) के पास पहुंच जाएगा। भविष्य में यदि उसी जमीन की रजिस्ट्री कराने कोई व्यक्ति पंजीयन कार्यालय पहुंचेगा, तो सिस्टम में दर्ज आपत्ति तुरंत दिखाई देगी। इससे विवादित जमीन की रजिस्ट्री होने से पहले ही संबंधित पक्षों को सूचना मिल सकेगी।
शिकायत दर्ज करने के लिए जरूरी जानकारी
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने के लिए जमीन की यूनिक आईडी या रजिस्ट्री नंबर देना अनिवार्य होगा। केवल किसी कॉलोनी या क्षेत्र का सामान्य विवरण देने से शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी। पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जमीन की सटीक पहचान और रिकॉर्ड खोजने के लिए यूनिक आईडी या रजिस्ट्री नंबर जरूरी होता है। इससे फर्जी या गलत शिकायतों को रोकने में भी मदद मिलेगी।
250 रुपये शुल्क के साथ करनी होगी प्रक्रिया
पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करने के लिए 250 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड के कारण हर शिकायत का पूरा विवरण सिस्टम में सुरक्षित रहेगा और आगे की कार्रवाई में यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सब-रजिस्ट्रार का निर्णय होगा अंतिम
आपत्ति के साथ प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की वैधता पर अंतिम निर्णय सब-रजिस्ट्रार द्वारा लिया जाएगा। वे संबंधित अधिनियम और नियमों के आधार पर तय करेंगे कि मामले में आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी वैध लेन-देन में अनावश्यक बाधा न आए और वास्तविक विवादों का समाधान किया जा सके।
फर्जी आपत्तियों पर लगेगी रोक
पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पहले कई मामलों में लोग फर्जी कोर्ट आदेश या गलत दस्तावेज लगाकर आपत्ति दर्ज करा देते थे, जिससे जमीन की रजिस्ट्री में अनावश्यक विवाद पैदा हो जाते थे। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और रिकॉर्डेड होने से ऐसे मामलों पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
घरेलू संपत्ति विवादों में भी मदद
इस नई व्यवस्था का फायदा पारिवारिक संपत्ति विवादों में भी मिल सकता है। यदि किसी जमीन के संबंध में परिवार के दो पक्षों के बीच समझौता हुआ है और उसके बावजूद कोई पक्ष जमीन बेचने की कोशिश करता है, तो दूसरा पक्ष संपदा पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कर सकता है। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान संबंधित विवाद सामने आ जाएगा और संभावित कानूनी विवादों से बचाव संभव होगा।
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