खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026: का भव्य समापन समारोह शनिवार शाम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार, भोपाल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल संघों के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न खेल मैदानों पर हाल के दिनों में जो उत्साह और ऊर्जा दिखाई दी है, वह इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश तेजी से खेलों का केंद्र बन रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
खेल का मैदान चरित्र निर्माण की कार्यशाला
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि खेल का मैदान केवल हार-जीत का स्थान नहीं होता, बल्कि यह चरित्र निर्माण की कार्यशाला है। खेल से अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और आत्मविश्वास जैसे गुण विकसित होते हैं। जीत का संकल्प और हार के बाद दोबारा खड़े होने की क्षमता खेल ही सिखाता है। उन्होंने कहा कि खेल सामाजिक समरसता का भी संदेश देता है, क्योंकि मैदान पर न कोई जाति होती है और न ही कोई धर्म, वहां केवल खिलाड़ी और उसकी मेहनत मायने रखती है।
मध्यप्रदेश बना स्पोर्ट्स पावर हाउस
राज्यपाल ने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में शांत राज्य माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश के स्पोर्ट्स पावर हाउस के रूप में उभर रहा है। प्रदेश की बेटियां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खेल न केवल शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि मन में भी उत्साह और सकारात्मकता भरता है।
खेलों में नंबर-1 बनाना सरकार का लक्ष्य
समारोह में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। खेल अकादमियों का सशक्त संचालन, रेजिडेंशियल एकेडमी मॉडल और योग्य प्रशिक्षकों की उपलब्धता से खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में देश में नंबर-1 बनाना है। आने वाले समय में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक खेल अधोसंरचना विकसित की जाएगी।
पहली बार खेल संघों के साथ मिलकर हुआ आयोजन
मंत्री श्री सारंग ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में अपनी तरह का पहला आयोजन है, जिसमें राज्य स्तरीय खेल संघों के सक्रिय सहयोग से 28 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस बार लोकप्रिय खेल क्रिकेट के साथ-साथ पारंपरिक खेल पिट्टू और रस्साकशी को भी शामिल किया गया, जिससे ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सका।
एक लाख से अधिक युवाओं की सहभागिता
खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से पूरे प्रदेश में एक लाख से अधिक युवा खेल गतिविधियों से जुड़े। प्रदेश के 313 ब्लॉकों, जिलों और संभागों में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में लगभग 13 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान कुल 2341 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 723 स्वर्ण, 723 रजत और 895 कांस्य पदक शामिल हैं।
इंदौर ओवरऑल चैंपियन
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संभागों को सम्मानित किया गया। इंदौर संभाग ने 87 स्वर्ण, 47 रजत और 40 कांस्य पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। भोपाल संभाग 66 स्वर्ण, 33 रजत और 45 कांस्य पदकों के साथ उपविजेता रहा, जबकि जबलपुर संभाग 35 स्वर्ण, 31 रजत और 32 कांस्य पदकों के साथ तृतीय स्थान पर रहा।
खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 का यह सफल आयोजन न केवल प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच बना, बल्कि मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में भी स्थापित हुआ।
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