एमपी में 14 IPS अफसरों के तबादले, भोपाल को मिला नया पुलिस कमिश्नर
मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए गृह विभाग ने मंगलवार को 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव में राजधानी भोपाल की पुलिस व्यवस्था में भी अहम परिवर्तन किया गया है।
बालाघाट रेंज के आईजी संजय कुमार को भोपाल का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वर्तमान पुलिस आयुक्त हरिनारायण चारी मिश्रा को हटाकर उन्हें पुलिस मुख्यालय में आईजी स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गृह विभाग के इस आदेश को प्रशासनिक संतुलन और विभागीय आवश्यकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उज्जैन, भोपाल और पीएचक्यू में बदली जिम्मेदारियां
इस तबादला सूची में उज्जैन रेंज और पुलिस मुख्यालय से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। उज्जैन रेंज के एडीजी उमेश जोगा को परिवहन आयुक्त बनाया गया है और उनकी सेवाएं परिवहन विभाग को सौंपी गई है।
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वहीं, पंकज कुमार श्रीवास्तव, जो अब तक स्पेशल डीजी एंटी नक्सल ऑपरेशन, एसटीएफ, सीआईडी और सतर्कता जैसे अहम प्रभार संभाल रहे थे, उन्हें अब स्पेशल डीजी सीआईडी और स्पेशल डीजी सतर्कता पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है।
उनके पास से एंटी नक्सल ऑपरेशन और एसटीएफ का प्रभार हटा लिया गया है, जिसे एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
खेलो एमपी यूथ गेम्स के बीच अहम पोस्टिंग
गृह विभाग का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब राज्य में खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन चल रहा है। इस बीच एडीजी अंशुमान यादव को संचालक खेल और युवक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, राकेश गुप्ता को एडीजी के साथ-साथ उज्जैन रेंज का आईजी बनाया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे अनंत कुमार सिंह को स्पेशल डीजी और प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन नियुक्त किया गया है।
इस सूची में केपी वेंकटेश्वर राव को एडीजी नारकोटिक्स से हटाकर एडीजी तकनीकी सेवाएं बनाया गया है और उन्हें एंटी नक्सल ऑपरेशन का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
आईजी स्तर पर बड़ा फेरबदल, बालाघाट और शहडोल में नए चेहरे
आईजी स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अभय सिंह को भोपाल आईजी देहात पद से हटाकर आईजी योजना, पीएचक्यू बनाया गया है। संजय तिवारी, जो अब तक आईजी योजना थे, उन्हें आईजी भोपाल देहात की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, चैत्रा एन को आईजी एससीआरबी पीएचक्यू से हटाकर आईजी शहडोल पदस्थ किया गया है। इसके अलावा, ललित शाक्यवार, जो आईजी शिकायत और मानव अधिकार पीएचक्यू थे, उन्हें आईजी बालाघाट जोन बनाया गया है।
गृह विभाग के इस व्यापक फेरबदल को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, विभागीय कार्यक्षमता बढ़ाने और आगामी चुनौतियों के मद्देनज़र रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
सवाल पॉलिटिक्स-वाला
मध्य प्रदेश में 14 आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के पीछे आखिर सरकार की क्या रणनीति है? क्या भोपाल को नया पुलिस कमिश्नर देकर राजधानी की कानून-व्यवस्था को लेकर कोई बड़ा बदलाव किया जा रहा है? उज्जैन, पीएचक्यू और एंटी नक्सल जैसे अहम विभागों में फेरबदल का क्या असर पड़ेगा और क्या यह कदम प्रशासनिक मजबूती लाएगा या अस्थिरता बढ़ाएगा?
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