UGC नियम और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले से नाखुश सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा

Share Politics Wala News

UGC के नए नियमों पर बढ़ता असंतोष

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग UGC द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों को लेकर देश भर में जनरल कैटेगरी, विशेषकर स्वर्ण समाज से जुड़े छात्रों में असंतोष गहराता जा रहा है। छात्रों और संगठनों का आरोप है कि ये नियम एकतरफा हैं और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक अवसरों को सीमित करते हुए प्रतीत होते हैं। उनका कहना है कि इन नियमों से मेरिट और समान अवसर की भावना को नुकसान पहुंच सकता है, जिस पर सरकार और संबंधित संस्थाएं गंभीरता से विचार नहीं कर रही हैं

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ा विवाद

इसी बीच प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले ने भी धार्मिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। इस मउद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों और धर्म गुरुओं की ओर से नाराजगी जताई जा रही है। आरोप है कि इस मुद्दे पर प्रशासन और जन प्रतिनिधियों की चुप्पी समाज के एक वर्ग की भावनाओं की अनदेखी को दर्शाती है।

अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे की वजह

इन दोनों मुद्दों के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा सामने आया है, जिसने एक नया बवाल खड़ा कर दिया है। अपने इस्तीफे में अलंकार अग्निहोत्री ने दो प्रमुख कारण गिनाए हैं। पहला, UGC के हालिया नियम, जिन्हें उन्होंने जनरल कैटेगरी या स्वर्ण समाज के छात्रों के अधिकारों के खिलाफ बताया है। दूसरा, शंकराचार्य मामले पर समाज के नेताओं की चुप्पी, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि समाज के जन प्रतिनिधि इन मुद्दों पर मौन साधे हुए हैं और इससे उच्च वर्ग के छात्रों और समाज के हितों का हनन हो रहा है। उन्होंने ब्राह्मण नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब समाज को स्पष्ट और मजबूत आवाज की जरूरत है, तब नेतृत्व का अभाव साफ नजर आ रहा है।

प्रशासनिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद विभिन्न संगठनों ने शिकायत में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और संबंधित शिविरों के आसपास स्थायी पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- जीतू पटवारी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले– विजय शाह सीएम मोहन की रीढ़ की हड्डी हैं, इसलिए नहीं हुई कार्रवाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *