बिहार में तेजस्वी की सिक्योरिटी में कमी, BJP नेताओं को Z सिक्योरिटी

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बिहार में तेजस्वी की सिक्योरिटी में कमी, BJP नेताओं को Z सिक्योरिटी

Bihar News : बिहार में नेताओं की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल किया गया है।

जहाँ एक ओर BJP और सत्ता पक्ष के नेताओं की security में बढ़ोतरी हुई है वहीं तेजस्वी यादव की सिक्योरिटी का स्तर Z से Y+ कर दिया गया है।

इतना ही नहीं कांग्रेस नेताओं की सुरक्षा खत्म कर दी गई है।

Bihar की राजनीति में सत्ता के साथ-साथ अब सुरक्षा का समीकरण भी बदलता दिखाई दे रहा है।

बीजेपी को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद अब बिहार में सत्‍ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा में बड़ा फेरबदल किया गया है।

इस बदलाव में बीजेपी और सत्‍ता पक्ष के कई शीर्ष नेताओं की सुरक्षा Z श्रेणी तक बढ़ा दी गई है।

वहीं विपक्ष के प्रमुख चेहरों की सुरक्षा घटाई या पूरी तरह हटा दी गई है।

सरकार की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि यह फैसला खुफिया एजेंसियों के थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।

बिहार की सियासत में यह मुद्दा अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है।

इसे सत्ता बनाम विपक्ष की नई लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार की राजनीति में फिलहाल एक बात तय है, सुरक्षा का यह फैसला सियासी गर्मी और बढ़ाने वाला है।

इन नेताओं को Z सिक्योरिटी

गृहमंत्रालय के ताजा फैसले के मुताबिक, नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और

बीजेपी के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी और मंगल पांडे को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

सुरक्षा बढ़ाए जाने के इस फैसले को बीजेपी के बढ़ते राजनीतिक कद और सत्ता में मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है.

तेजस्‍वी की सुरक्षा Z से हुई Y

विपक्ष के लिए यह फैसला किसी झटके से कम नहीं है।

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, जो लंबे समय से सत्ता के प्रमुख दावेदार रहे हैं।

उनकी सुरक्षा घटा दी गई है।

तेजस्वी यादव बिहार में नेता प्रतिपक्ष हैं और सरकार के सबसे बड़े आलोचक भी।

उनकी सुरक्षा को Z से घटाकर Y+ कर दिया गया है।

इसे लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

सवाल ये है कि क्या यह सिर्फ सुरक्षा आकलन का मामला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है?

कांग्रेस के इन नेताओं की सुरक्षा हटी

सबसे चौंकाने वाला फैसला उन नेताओं को लेकर आया है, जिनकी सुरक्षा पूरी तरह हटा ही दी गई है। /

इस सूची में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, आरजेडी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष

उदय नारायण चौधरी, और कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम का नाम शामिल हैं।

इन नेताओं की सुरक्षा हटाए जाने के बाद विपक्ष सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैये का आरोप लगाने की तैयारी में है।

सरकार को हुआ है भ्रम

विपक्षी दलों का कहना है कि यह सत्‍ता बनाम विपक्ष की लड़ाई है।

कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि बिहार में मौजूदा सरकार को ये भ्रम हो गया कि इनके हाथ कभी सत्‍ता जाएगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग देश के तमाम संसाधनों, तमाम एजेंसी को सिर्फ अपने हक में इस्तेमाल कर रहे हैं।

तिवारी ने कहा कि हमारे नेताओं की सुरक्षा चिंता छोड़ दें, प्रदेश में हर आदमी का जीवन हर पल, हर क्षण खतरे में है।

देश की सीमाओं पर खतरा है. जिसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में ये सरकार विफल है।

 

 

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