छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार निजी स्टील प्लांट में हुआ भीषण ब्लास्ट, 6 मजदूरों की मौत!

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छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में स्थित एक निजी स्टील प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों के नाम इस प्रकार हैं- 1. मोताज अंसारी उम्र 26 कारपेंटर 2. सराफत अंसारी उम्र 32 कारपेंटर 3. साबिर अंसारी उम्र 37 कारपेंटर 4. कल्पू भुइया उम्र 51 हेल्पर 5. रामू भुइया उम्र 34 हेल्पर आदि।

घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा है। हादसा उस समय हुआ जब प्लांट में रोजमर्रा का उत्पादन कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में मजदूर ड्यूटी पर मौजूद थे। अभी मौके पर कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के साथ जिला प्रशासन की टीम भी मौजूद है।

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प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा प्लांट के फर्नेस सेक्शन में हुआ, जहां अचानक तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया। धमाके के तुरंत बाद गर्म पिघला हुआ लोहा पास में काम कर रहे मजदूरों पर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि कई मजदूर दूर तक उछलकर जा गिरे और कुछ लोग मौके पर ही बेहोश हो गए। वहीं 5 घायलों मजदूरों को बिलासपुर बर्न ट्रॉमा सेंटर रेफर किया किया जा चुका है। हादसे के समय प्लांट के भीतर तेज आवाज के साथ आग की लपटें उठीं और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया। मजदूरों में चीख-पुकार मच गई और कई लोग जान बचाकर बाहर की ओर भागते नजर आए।

हादसे के बाद गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को तत्काल जिला अस्पताल और रायपुर के बड़े निजी अस्पतालों में रेफर किया गया है। घायलों में से कई की हालत नाजुक बनी हुई है क्योंकि उन्हें 60 से 80 प्रतिशत तक जलने की चोटें आई हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन ने मृत मजदूरों के परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, घायलों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फर्नेस में अत्यधिक दबाव या तकनीकी खामी के कारण यह ब्लास्ट हुआ। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। प्रशासन ने प्लांट प्रबंधन से सुरक्षा मानकों, मशीनों की मेंटेनेंस रिपोर्ट और कर्मचारियों की ड्यूटी से जुड़े दस्तावेज तलब किए हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

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इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों ने प्लांट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है


 

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