Jan Suraaj Candidate List: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने सोमवार को अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी।
इस लिस्ट में कुल 65 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही पार्टी ने अब तक कुल 116 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
सबसे खास बात यह रही कि भागलपुर से वरिष्ठ वकील अभयकांत झा को उम्मीदवार बनाया गया है।
74 साल के अभयकांत झा ने पहले भागलपुर दंगे में मुस्लिमों के पक्ष में केस लड़ा था, जिसके चलते उनका नाम राजनीति और सामाजिक सरोकारों में चर्चा में रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने उनका परिचय कराते हुए उन्हें पार्टी में स्वागत किया।
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दूसरी लिस्ट में प्रमुख उम्मीदवार और सीटें
दूसरी लिस्ट में शामिल प्रमुख उम्मीदवारों में शिवहर से नीरज सिंह, नरकटिया से लाल बाबू यादव, कल्याणपुर से मंतोष सहनी, संदेश से राजीव रंजन सिंह, बाजपट्टी से आजम अनवर हुसैन, हरलाखी से रत्नेश्वर ठाकुर, नरपतगंज से जनार्दन यादव, इस्लामपुर से तनुजा कुमारी और बड़हरिया से डॉ. शाहनवाज शामिल हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी ने जातीय समीकरण और समाज की संख्या के हिसाब से भागीदारी सुनिश्चित की है।
उन्होंने बताया, हमने तय किया है कि अति पिछड़ा समाज के लगभग 70 लोग चुनाव लड़ेंगे।
जिनके पास संसाधन नहीं होंगे, उनके लिए पार्टी संसाधन जुटाएगी और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अब तक किसी भी पार्टी ने अति पिछड़ा समाज को इतनी बड़ी हिस्सेदारी नहीं दी है।
इस लिस्ट के साथ अब तक कुल 116 प्रत्याशियों की घोषणा हो चुकी है, जिनमें 25 सीटें आरक्षित हैं।
बची हुई 91 सीटों में से 31 में अति पिछड़ा समाज को भागीदारी दी गई है।
पहली लिस्ट: 51 उम्मीदवार और जातीय समीकरण
जनसुराज ने 9 अक्टूबर को अपनी पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे। इस लिस्ट में भी जातीय और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया।
समस्तीपुर की मोरवा विधानसभा से कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर, अस्थावां से पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह की बेटी लता सिंह, गोपालगंज से प्रीति किन्नर, पटना के कुम्हरार से गणितज्ञ केसी सिन्हा, और सारण के मांझी से पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील वाई वी गिरी को उम्मीदवार बनाया गया।
पहली लिस्ट में कुल 17 EBC, 11 OBC, 9 अल्पसंख्यक, 7 SC/ST और 7 सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल थे।
पार्टी ने यह भी कहा था कि हर दिन नई लिस्ट जारी की जाएगी ताकि चुनावी रणनीति और सामाजिक प्रतिनिधित्व संतुलित रहे।
पार्टी ने अपनी रणनीति में अति पिछड़ा समाज को प्रमुख स्थान दिया है।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पहली बार किसी चुनाव में अति पिछड़ा समाज के लिए एक तिहाई भागीदारी सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा, हमने समाज से अच्छे और योग्य उम्मीदवार चुने हैं और उन्हें चुनाव में पूरी मदद दी जाएगी।
यदि उनके पास संसाधन नहीं हैं तो पार्टी उन्हें साधन जुटाने और ट्रेनिंग देने में मदद करेगी।
इस कदम को बिहार की राजनीति में नया समीकरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे यह संकेत मिलता है कि जनसुराज पार्टी जातीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर गंभीरता से ध्यान दे रही है।
प्रशांत किशोर का चुनाव अभियान
प्रशांत किशोर ने 11 अक्टूबर को राघोपुर से अपने चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत की थी।
जनसभा में उन्होंने जनता से सवाल पूछे और अपने विरोधियों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, आपके स्थानीय विधायक दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं, क्या आप कभी अपनी समस्या उनके पास ले जा पाए हैं?
इस पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया से संकेत मिला कि आम मतदाता तक नेताओं की पहुँच सीमित रही है।
दूसरी लिस्ट में ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
राघोपुर सीट अभी खाली छोड़ी गई है और माना जा रहा है कि वह इस सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
पार्टी का कहना है कि जैसे-जैसे अन्य सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित होंगे, हर समाज और जाति के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
पार्टी ने जातीय संतुलन, समाजिक प्रतिनिधित्व और अति पिछड़ा समाज की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया है।
इससे यह संकेत मिलता है कि जनसुराज पार्टी बिहार की राजनीति में नई दिशा बनाने और जनता के बीच मजबूत पहचान बनाने की कोशिश में है।
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