Charlie Kirk Murder: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक चार्ली कर्क की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
यह घटना गुरुवार को उस समय हुई जब वह यूटा राज्य की यूटा वैली यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित कर रहे थे।
राइट विंग एक्टिविस्ट चार्ली कर्क यहां ‘द अमेरिकन कमबैक टूर’ प्रोग्राम में आए थे।
गोली चार्ली के गले में लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह हमला ऐसे वक्त में हुआ है जब अमेरिका में गन वायलेंस, पॉलिटिकल पोलराइजेशन और हेट स्पीच पर बहस तेज है।
चार्ली कर्क को कट्टरपंथी कंजरवेटिव विचारधारा का चेहरा माना जाता था और वह ट्रंप के बेहद करीबी थे।
उनकी मौत पर अमेरिका में राष्ट्रीय ध्वज रविवार शाम छह बजे तक के लिए आधा झुका दिए गए हैं।
चार्ली कर्क की हत्या के बाद पूरे अमेरिका में गुस्सा, शोक और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जानें घटना कैसे हुई?
चार्ली कर्क The American Comeback Tour के तहत यूटा यूनिवर्सिटी में पहुंचे थे।
हजारों छात्र-छात्राओं की भीड़ उनके भाषण को सुनने आई थी।
कर्क सवाल-जवाब के दौरान सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
चश्मदीदों के मुताबिक, तभी अचानक गोली चली और उनके गले पर लग गई।
ये है अमेरिका की कानून व्यवस्था का हाल! एक 31 साल के युवक की सरेआम हत्या कर दी गई ।
पत्नी-बच्चे के सामने चार्ली किर्क को मार डाला गया। चार्ली किर्क युवाओं में बेहद लोकप्रिय थे। ये ट्रम्प के क़रीबी थे।
असुरक्षा का भाव।
— Shubham Shukla (@ShubhamShuklaMP) September 11, 2025
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि चार्ली माइक पकड़े खड़े हैं और अचानक उनके गले से खून बहने लगता है।
वह गिर जाते हैं और कैंपस में अफरातफरी मच जाती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गोली करीब 180 मीटर दूर एक बिल्डिंग से चलाई गई थी।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत पूरे कैंपस को सील कर दिया और छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।
फिलहाल शूटर फरार है और पुलिस ने डोर-टू-डोर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
ट्रंप का शोक और गुस्सा
चार्ली कर्क की मौत की खबर सुनकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भावुक हो गए और इस हमले के लिए रेडिकल लेफ्ट को जिम्मेदार ठहराया।
ट्रंप ने चार्ली कर्क के सम्मान में पूरे अमेरिका में रविवार शाम 6 बजे तक राष्ट्रीय ध्वज को आधा झुकाने का आदेश भी जारी किया।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा: महान और सच्चे देशभक्त चार्ली कर्क अब इस दुनिया में नहीं रहे।
अमेरिका के युवाओं को उनसे बेहतर कोई नहीं समझ पाया। मेलानिया और मैं उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करते हैं। चार्ली, हम आपको हमेशा याद करेंगे।
TO MY GREAT FELLOW AMERICANS… pic.twitter.com/oRsrE5TTHr
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 11, 2025
उन्होंने कहा कि लेफ्ट लिबरल्स की बयानबाजी और नफरत भरे कैंपेन ने अमेरिका में हिंसा को हवा दी है।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर इसे तुरंत नहीं रोका गया तो अमेरिकी लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।
कौन थे चार्ली कर्क?
चार्ली कर्क केवल 32 साल के थे, लेकिन अमेरिका के सबसे हाई-प्रोफाइल कंजरवेटिव एक्टिविस्ट में गिने जाते थे।
वह टर्निंग पॉइंट यूएसए (TPUSA) के संस्थापक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर थे।
यह एक छात्र संगठन है, जो अमेरिकी कॉलेजों में कंजरवेटिव विचारधारा का प्रचार करता है।
उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और राजनीति व एक्टिविज्म को अपना करियर बना लिया।
उन्होंने 2020 में “The Maga Doctrine” नामक किताब लिखी, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप के “Make America Great Again” अभियान पर विस्तार से चर्चा की गई।
2024 राष्ट्रपति चुनाव में युवाओं को ट्रंप के पक्ष में करने में कर्क और उनकी संस्था ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
कर्क का “The Charlie Kirk Show” अमेरिका के सबसे लोकप्रिय लेकिन विवादित पॉडकास्ट में से एक था।
विवादों से भरा जीवन
चार्ली कर्क का नाम हमेशा विवादों में रहा। वह कई बार अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में आए।
उन्होंने “ग्रेट रिप्लेसमेंट थ्योरी” का समर्थन किया था, जिसमें कहा गया कि श्वेत अमेरिकियों की जगह जानबूझकर प्रवासियों को बसाया जा रहा है।
उन्होंने 1964 के सिविल राइट्स एक्ट की आलोचना की और कहा कि यह सरकार का अनावश्यक हस्तक्षेप था।
कर्क ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर पर भी विवादित बयान दिए थे।
उन्होंने अपने पॉडकास्ट पर ऐसे मेहमानों को बुलाया, जिन्होंने गुलामी को “सभ्यता का हिस्सा” बताया।
वह गर्भपात और बर्थ कंट्रोल के खिलाफ लगातार बयान देते थे। उनका कहना था कि इससे महिलाएं “गुस्सैल और आक्रामक” हो जाती हैं।
COVID-19 वैक्सीन, LGBTQ+ अधिकार, रंगभेद और आप्रवासन पर उनके बयान बेहद विवादित रहे।
यानी, चार्ली कर्क अमेरिका में ध्रुवीकृत राजनीति के प्रतीक बन चुके थे।
अमेरिका में गुस्सा और सदमा
चार्ली कर्क की हत्या ने अमेरिका की राजनीति को हिला दिया है। कंजरवेटिव कैंप इसे राजनीतिक हिंसा करार दे रहा है।
लिबरल समूह हिंसा की निंदा कर रहे हैं, लेकिन कर्क की विचारधारा को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
मीडिया और पॉलिटिकल एनालिस्ट्स का मानना है कि यह घटना आने वाले 2028 राष्ट्रपति चुनाव में बड़ा मुद्दा बन सकती है।
चार्ली कर्क सिर्फ एक कंजरवेटिव एक्टिविस्ट नहीं थे, बल्कि लाखों युवाओं के लिए एक पॉलिटिकल आइकन थे।
उनकी हत्या ने अमेरिका में गन कंट्रोल, पॉलिटिकल हिंसा और फ्री स्पीच पर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल चार एजेंसियां मिलकर इस केस की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही हमलावर की पहचान कर ली जाएगी।
You may also like
-
आज एक गिलास पानी मय्यसर नहीं और बातें 2047 के हिंदुत्व/हिंदुस्तान की
-
ममता ने अमित शाह को बताया ‘डकैत’, ईडी पर चोरी का केस
-
तेलंगाना .. के. कविता ने बनाई नई पार्टी, केसीआर की विरासत और हरीश राव को देंगी सीधी चुनौती
-
मां का जन्मदिन मनाने राबड़ी आवास पहुंचे तेजप्रताप, 7 महीने पहले हुए थे पार्टी परिवार से बेदखल
-
BJP मिशन 2026- Tamil Nadu में 4 जनवरी को Amit Shah का दौरा छेड़ेगा नए राजनीतिक तार
