सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों अगस्त 2023 से हिरासत में थे। जानिए पूरा मामला और परिवारों का पक्ष।
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने के मामले में अब नई जानकारी सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की 21 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास के दस्तावेजों में दोनों नागरिकों के अगस्त 2023 से हिरासत में होने का उल्लेख है। सऊदी अधिकारियों ने 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य के मामले में मौत की सजा दिए जाने की जानकारी दी थी।
अलग-अलग आरोपों में हुई थी गिरफ्तारी
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की पहचान नजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और स्वीटी अख्तर के रूप में हुई है। बांग्लादेशी वाणिज्य दूतावास को मिली कैदियों की सूची के मुताबिक, नजरुल को 1 अगस्त 2023 को साइबर अपराध से जुड़े आरोपों में हिरासत में लिया गया था। वहीं, स्वीटी अख्तर को 2 अगस्त 2023 को कथित व्यभिचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
दस्तावेजों में बताया गया है कि दोनों सऊदी अरब में अल मजाल कंपनी के लिए सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते थे। गिरफ्तारी के बाद नजरुल को जेद्दा सुधार गृह में रखा गया, जबकि स्वीटी को जेद्दा की महिला जेल में रखा गया था। हालांकि, दूतावास को मिली कैदियों की सूची में दोनों के खिलाफ मौत की सजा का उल्लेख नहीं था।
परिवारों को फांसी की जानकारी नहीं थी
इस मामले में सबसे गंभीर सवाल यह है कि दोनों के परिवारों को कथित तौर पर उनकी मौत की सजा और उसे लागू किए जाने की पहले से जानकारी नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अधिकारियों से मामले की कानूनी प्रक्रिया, अदालत के फैसलों और आरोपियों को अपना बचाव करने का अवसर दिए जाने के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।
नजरुल का परिवार बांग्लादेश के ब्राह्मणबरिया क्षेत्र में रहता है। वह नवंबर 2022 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था। उसकी मां रहीमा बेगम के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान बेटे की कभी-कभी फोन पर बात होती थी। परिवार का कहना है कि उसकी आखिरी बातचीत 11 अक्टूबर को हुई थी, यानी कथित फांसी से तीन दिन पहले। परिवार ने आरोपों पर सवाल उठाते हुए नजरुल का शव बांग्लादेश वापस लाने की मांग भी की है।
स्वीटी अख्तर के परिवार ने क्या बताया?
स्वीटी अख्तर बांग्लादेश के टांगाइल जिले के मिर्जापुर की रहने वाली थी। उसके पिता फजल मिया के मुताबिक, परिवार ने कर्ज लेकर उसे रोजगार के लिए सऊदी अरब भेजा था। उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया कि स्वीटी ने एक बार फोन पर कहा था कि कार्यस्थल पर विवाद के बाद उसे जेल में रखा गया है।
परिवार के अनुसार, स्वीटी ने हाल ही में बांग्लादेश लौटने की संभावना भी जताई थी। ऐसे में उसकी मौत की खबर से परिजन सदमे में हैं।
मामले में अब भी कई सवाल
सऊदी अधिकारियों ने दोनों को मक्का की एक मस्जिद में कथित अनैतिक कृत्य के मामले में दोषी ठहराए जाने की बात कही है। लेकिन बांग्लादेशी वाणिज्य दूतावास के दस्तावेजों में पहले दर्ज अलग-अलग आरोपों और मौत की सजा का उल्लेख नहीं होने से कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बांग्लादेश सरकार अब सऊदी अरब से अदालत के फैसलों और पूरी कार्यवाही का विवरण मांग रही है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों को कानूनी बचाव और अपील का पर्याप्त अवसर मिला था या नहीं। फिलहाल, इस मामले में आगे की स्थिति सऊदी अधिकारियों से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर निर्भर करेगी।
ट्रंप का बड़ा ऐलान: भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द, बोले- पहले के समझौतों से होगी अलग
You may also like
-
ट्रंप का बड़ा ऐलान: भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द, बोले- पहले के समझौतों से होगी अलग
-
DA Hike 2026: केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है दिवाली गिफ्ट, महंगाई भत्ते में 3% बढ़ोतरी संभव
-
प्रधानमंत्री आवास के पास मस्जिद हटाने के आदेश पर भड़के ओवैसी, हाईकोर्ट जाने की तैयारी
-
Bank Holiday: 22 अक्टूबर को गुरुवार के दिन बैंक रहेंगे बंद, जानें RBI ने क्यों घोषित की छुट्टी
-
दिल्ली में 10 दिन पहले ही स्मॉग की दस्तक, GRAP की तैयारी 1 नवंबर से क्यों?
