पीएम सूर्य घर योजना से बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बने कृष्ण कुमार गुप्ता, बिजली बिल के खर्च में मिली राहत

Share Politics Wala News

रायपुर

 कभी घर की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह विद्युत आपूर्ति पर निर्भर रहने वाले सरगुजा जिले के अम्बिकापुर निवासी  कृष्ण कुमार गुप्ता अब स्वयं बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित किया है, जिससे प्रतिदिन लगभग 20 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह बिजली उनके परिवार की दैनिक घरेलू खपत से भी अधिक है। सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां बिजली बिल के खर्च में राहत मिल रही है, वहीं कृष्ण कुमार अब स्वयं को केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक के रूप में देख रहे हैं। उनके लिए यह बदलाव आर्थिक बचत के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सामने आई कृष्ण कुमार गुप्ता की कहानी दर्शाती है कि शासकीय सहयोग और आधुनिक तकनीक के उपयोग से परिवार अपनी बिजली जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा स्वयं पूरा करने के साथ बिजली खर्च में बचत कर सकते हैं।

पांच किलोवाट का सोलर सिस्टम बना बिजली बचत का आधार

अम्बिकापुर के प्रतापपुर रोड निवासी कृष्ण कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले उनके परिवार की बिजली संबंधी सभी आवश्यकताएं सामान्य विद्युत आपूर्ति से पूरी होती थीं। घरेलू उपकरणों के उपयोग और बिजली की खपत के अनुसार उन्हें हर महीने बिल का भुगतान करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम लगाने पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और भविष्य में बिजली खर्च कम होने की संभावना को देखते हुए उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कराने का निर्णय लिया।

कृष्ण कुमार के अनुसार, सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद उनके घर में प्रतिदिन लगभग 20 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह उत्पादन उनके परिवार की दैनिक घरेलू जरूरत से अधिक है, जिससे बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आई है। वे बताते हैं कि पहले बिजली का उपयोग करने के लिए उन्हें पूरी तरह बाहरी आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम स्वयं बिजली उत्पन्न कर रहा है। इस व्यवस्था से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ सौर ऊर्जा के उपयोग का प्रत्यक्ष लाभ भी मिल रहा है।

1.08 लाख रुपये की सब्सिडी से सोलर सिस्टम स्थापित करने में मिली सहायता

कृष्ण कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है। इस आर्थिक सहायता से घर की छत पर सोलर सिस्टम स्थापित करने में होने वाले खर्च का बोझ कम होता है। योजना के अंतर्गत पात्रता और निर्धारित शर्तों के अनुसार मिलने वाली सहायता नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम लगाने के लिए सब्सिडी के अतिरिक्त आवश्यक राशि की व्यवस्था बैंक ऋण के माध्यम से भी की जा सकती है। बैंक से ऋण लेकर किस्तों में भुगतान करने का विकल्प होने से इच्छुक परिवारों को एकमुश्त पूरी राशि जुटाने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि ऋण की उपलब्धता और उसकी शर्तें संबंधित बैंक के प्रावधानों पर निर्भर करती हैं। कृष्ण कुमार का मानना है कि शासकीय सब्सिडी और वित्तीय सुविधाओं की जानकारी मिलने से अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

पहले बिजली के उपभोक्ता थे, अब ऊर्जा उत्पादक बनने की खुशी

अपने घर पर सोलर सिस्टम लगवाने के बाद कृष्ण कुमार गुप्ता काफी उत्साहित हैं। वे कहते हैं, “पहले हम ऊर्जा उपभोक्ता थे, अब ऊर्जा दाता बन गए हैं। हमारे घर में जितनी बिजली की जरूरत है, उससे अधिक बिजली सोलर सिस्टम से मिल रही है।” उनके अनुसार, प्रतिदिन लगभग 20 यूनिट बिजली का उत्पादन होने से परिवार को बिजली खर्च में राहत मिल रही है और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करने की खुशी भी है।

कृष्ण कुमार का अनुभव बताता है कि घरों की छतों पर सोलर सिस्टम स्थापित कर नागरिक अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने में अधिक आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सौर ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित बिजली का उपयोग घरेलू आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है, जबकि अतिरिक्त उत्पादन का समायोजन लागू नेट मीटरिंग व्यवस्था और विद्युत वितरण कंपनी के नियमों के अनुसार होता है। वास्तविक बिजली बिल में बचत सौर ऊर्जा उत्पादन, घरेलू खपत और लागू विद्युत दरों पर निर्भर करती है।

सौर ऊर्जा अपनाने के लिए अन्य नागरिकों को भी कर रहे प्रेरित

कृष्ण कुमार गुप्ता ने योजना से मिले लाभ पर खुशी व्यक्त करते हुए अन्य नागरिकों से भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी प्राप्त करने और पात्रता के अनुसार इसका लाभ उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि सोलर सिस्टम स्थापित करने से घरेलू बिजली खर्च कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने नागरिकों को अपने घरों की छतों पर उपलब्ध स्थान और बिजली की जरूरत के अनुसार सोलर सिस्टम लगवाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलती है। घरेलू स्तर पर सोलर सिस्टम लगाने से परिवार बिजली उत्पादन में भागीदार बन सकते हैं। कृष्ण कुमार की पहल इस बात का उदाहरण है कि शासकीय योजनाओं की जानकारी और उपलब्ध आर्थिक सहायता का उपयोग कर नागरिक ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

योजना से मिली राहत, केंद्र और राज्य सरकार के प्रति जताया आभार

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिलने पर कृष्ण कुमार गुप्ता ने केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि घर की छत पर 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम स्थापित होने से प्रतिदिन लगभग 20 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जो उनके परिवार की दैनिक आवश्यकता से अधिक है। इससे उन्हें बिजली बिल के खर्च में राहत मिली है और आने वाले समय में भी सौर ऊर्जा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत कृष्ण कुमार गुप्ता की यह कहानी स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और घरेलू बिजली उत्पादन की दिशा में हो रहे बदलाव को दर्शाती है। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी से सोलर सिस्टम स्थापित करने में मिली सहायता ने उन्हें बिजली उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक बनने का अवसर दिया है। उनकी यह पहल अन्य परिवारों को भी सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली खर्च में बचत करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *