भोपाल
प्रदेश की केंद्रीय और जिला जेलों में बंद सजा प्राप्त कैदियों में 81 प्रतिशत ऐसे हैं, जो पहली बार अपराध करने के बाद जेल पहुंचे हैं। अब जेल मुख्यालय ने पहली बार अपराध करने वाले कैदियों के लिए अलग व्यवस्था बनाने, उनकी काउंसिलिंग और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के साथ पैरोल के लिए अलग मापदंड तय करने का प्रस्ताव बनाया है। जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने कहा कि यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले कैदी
बता दें, यह प्रस्ताव उस अध्ययन के बाद बनाया गया है जिसमें पता चला है कि 19 प्रतिशत कैदी ऐसे हैं, जो एक से अधिक बार अपराध कर जेल पहुंचे हैं। शेष 81 प्रतिशत पहली बार अपराध वाले हैं। प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे करीब 19 हजार कैदियों के रिकॉर्ड के पहली बार करवाए गए अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। जेल मुख्यालय का मानना है कि पहली बार अपराध करने वाले और बार-बार अपराध करने वाले कैदियों को एक ही तरह की व्यवस्था में रखना उचित नहीं होता।
You may also like
-
मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मुरैना में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत स्वामित्व दस्तावेजों के रजिस्ट्री अभियान में होंगे शामिल
-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खोला नौकरी का पिटारा, 1,703 पदों पर भर्ती
-
दीपावली के पर्व पर NSS माधव महाविद्यालय ने स्वच्छता संदेश वाले स्टीकर लगाये
-
ICAI रायपुर शाखा के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का भव्य समापन, IPS दीपमाला कश्यप ने सीए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
-
छत्तीसगढ़ में MD-MS एडमिशन के नियम सख्त, सीट मिलने पर तय समय में लेना होगा दाखिला
