रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2028 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर से दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच रही हैं. उनके साथ सह-प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी मौजूद रहेंगे।
अपने इस पहले छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान स्मृति ईरानी पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठकों का दौर शुरू करेंगी. इन बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोनों उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
दौरे की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह के साथ प्राथमिक चर्चा से होगी. इसके बाद सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, भावी कार्यक्रमों के निर्धारण और संगठनात्मक समीक्षा को लेकर कोर ग्रुप की बैठक होगी।
स्मृति ईरानी उन वरिष्ठ नेताओं से भी अलग से संवाद करेंगी जो वर्तमान में किसी पद पर नहीं हैं, ताकि आगामी चुनाव में उनकी भूमिका तय की जा सके. यह दौरा 2028 के चुनाव के मद्देनजर बीजेपी की चुनावी रणनीति को नया दिशा-निर्देश देने वाला साबित होगा।
2015 से 2023 तक कई बार छत्तीसगढ़ आईं स्मृति ईरानी
स्मृति ईरानी का छत्तीसगढ़ से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2015 में रायपुर और दंतेवाड़ा में महिला सशक्तिकरण तथा महिला दिवस के कार्यक्रमों में शामिल हुईं। 2016 में रायपुर आईआईएम के दीक्षांत समारोह और 2017 में अभनपुर के केंद्री में स्वच्छता कार्यक्रम में पहुंचीं। वर्ष 2018 में केंद्रीय कपड़ा मंत्री रहते रायपुर में राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार समारोह में शामिल हुईं। इसी साल राजनांदगांव और डोंगरगांव में चुनाव प्रचार किया। वर्ष 2022 में रायपुर-बिलासपुर में भाजपा महिला मोर्चा के कार्यक्रमों और 2023 में बस्तर की परिवर्तन यात्रा में शामिल हुई थीं।
25 अक्टूबर से बैठकों का दौर, बड़े नेताओं की रहेगी मौजूदगी
स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर की सुबह रायपुर पहुंचेंगी। प्रदेश संगठन की ओर से उनके स्वागत की तैयारी की जा रही है। दौरे के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में अलग-अलग स्तर पर बैठकें आयोजित होंगी।
शुरुआत प्रदेशाध्यक्ष किरण देव, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह और संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के साथ चर्चा से होने की संभावना है। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के साथ बैठकें होंगी।
पार्टी संगठन से जुड़े संभागीय और जिला प्रभारी, सह प्रभारी, जिलाध्यक्ष, मोर्चों के अध्यक्ष तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजक भी इन बैठकों का हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा भाजपा की कोर ग्रुप बैठक भी अलग से आयोजित की जाएगी।
मिशन 2028 के लिए संगठन की तैयारियों पर होगा मंथन
स्मृति ईरानी के दौरे का प्रमुख एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर संगठन को मजबूत करना माना जा रहा है। बैठकों में पार्टी की जमीनी सक्रियता, संगठनात्मक ढांचे और सरकार तथा संगठन के बीच समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
भाजपा नेतृत्व के सामने अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को लगातार सक्रिय रखने और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की चुनौती भी है। ऐसे में प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक पार्टी की कार्यप्रणाली की समीक्षा इस दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती है।
पुराने दिग्गज नेताओं से भी होगी वन-टू-वन चर्चा
इस दौरे का एक अहम पहलू उन वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से चर्चा करना है, जिनके पास फिलहाल संगठन में कोई प्रमुख जिम्मेदारी नहीं है। जानकारी के मुताबिक, ऐसे नेताओं के साथ स्मृति ईरानी की वन-टू-वन बैठक प्रस्तावित है।
इन चर्चाओं के जरिए पुराने नेताओं के अनुभव और उनकी संगठनात्मक भूमिका का आकलन किया जा सकता है। मिशन 2028 को ध्यान में रखते हुए कुछ वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
आठ महीने बाद मिला नया प्रदेश प्रभारी
छत्तीसगढ़ भाजपा को करीब आठ महीने के अंतराल के बाद नया प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी मिला है। नियुक्ति के बाद से ही उनके दौरे को लेकर चर्चा चल रही थी। अब 25 और 26 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रवास के साथ प्रदेश संगठन की आगामी रणनीति पर औपचारिक मंथन की तैयारी है।
कुल मिलाकर, स्मृति ईरानी का यह दौरा केवल संगठनात्मक बैठकों तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों, नेताओं की भूमिका और संगठन की दिशा तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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