Vote Chori Video: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक मिनट का वीडियो जारी कर एक बार फिर “वोट चोरी” का मुद्दा उठाया।
वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा— “चोरी चोरी, चुपके चुपके, अब और नहीं, जनता जाग गई है।”
चोरी चोरी, चुपके चुपके…
अब और नहीं, जनता जाग गई है।#StopVoteChori pic.twitter.com/7mrheHSMh3— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 16, 2025
राहुल ने इसमें सीधे चुनाव आयोग (EC) का नाम नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाते हुए एक्स पर लिखा कि आपके वोट की चोरी, आपके अधिकारों की चोरी है।
पार्टी ने लोगों से अपील की कि वे वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों की रक्षा करें।
आपके वोट की चोरी
अधिकार की चोरी हैआइए साथ मिलकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं, अपने अधिकार को बचाएं.#StopVoteChori pic.twitter.com/VRxuydPW6k
— Congress (@INCIndia) August 16, 2025
जानें आखिर वीडियो में क्या है?
वीडियो व्यंग्यात्मक शैली में बनाया गया है।
इसमें दिखाया गया है कि एक व्यक्ति थाने पहुंचकर खर्राटे ले रहे पुलिसकर्मी को शिकायत लिखने को कहता है।
पुलिसकर्मी पूछता है— अबे क्या चोरी हो गया?
इस पर वह व्यक्ति जवाब देता है— साहब… वोट चोरी हो गया है, लाखों वोट चुराए जा रहे हैं।
यह सुनकर पुलिसकर्मी खुद सोच में पड़ जाता है कि कहीं उसका वोट भी चोरी न हो गया हो।

यह वीडियो सीधा-सीधा मतदाता सूची में गड़बड़ी और कथित वोट चोरी के आरोपों पर तंज कसता है।
जिस पर राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को घेरते रहे हैं।
EC पर राहुल गांधी के लगातार आरोप
12 अगस्त: राहुल गांधी ने कहा था कि केवल एक सीट नहीं, बल्कि बहुत सी सीटों पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की जा रही है। यह नेशनल लेवल पर सिस्टमेटिकली किया जा रहा है। उन्होंने बिहार की मतदाता सूची का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें 124 साल की “पहली बार वोट डालने वाली” महिला मिंता देवी का नाम जुड़ा है। राहुल ने दावा किया कि ऐसे अनेकों मामले हैं। उन्होंने कहा, पहले कोई सबूत नहीं था, लेकिन अब हमारे पास सबूत हैं। एक व्यक्ति एक वोट संविधान की नींव है, लेकिन EC इसे लागू नहीं कर रहा।
10 अगस्त: कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी को नोटिस भेजकर वोट चोरी के आरोपों पर सबूत मांगे। राहुल ने महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 1 लाख से ज्यादा वोट चोरी होने और एक महिला के दो बार मतदान करने का आरोप लगाया था।
8 अगस्त: चुनाव आयोग ने कहा कि यदि राहुल अपने आरोपों को सही मानते हैं तो उन्हें शपथपत्र पर हस्ताक्षर करना चाहिए, वरना देश से माफी मांगनी चाहिए। इस पर राहुल ने पलटवार किया, मैंने संसद में संविधान की शपथ ली है। जनता सवाल पूछ रही है, इसलिए चुनाव आयोग ने वेबसाइट ही बंद कर दी। उनका पूरा ढांचा ढह जाएगा।
7 अगस्त: राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1 घंटे 11 मिनट लंबा प्रेजेंटेशन दिया था और 22 पेज के दस्तावेज दिखाए थे। उन्होंने कहा था कि वोटर लिस्ट में संदिग्ध वोटर मौजूद हैं। महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों ने हमारे शक को मजबूत किया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है। मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट नहीं दी जा रही, जिससे साफ है कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव की चोरी की।
कांग्रेस की रणनीति और EC की सफाई
कांग्रेस अब इसे बड़े राजनीतिक नैरेटिव में बदलने की कोशिश कर रही है।
पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है।
वहीं चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से सबूत मांगे हैं और साफ किया है कि उनके आरोप EC के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।
बहरहाल, राहुल गांधी के लगातार हमलों से “वोट चोरी” का मुद्दा राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन चुका है।
विपक्ष इसे जनआंदोलन की शक्ल देने की तैयारी कर रहा है।
जबकि चुनाव आयोग राहुल को चुनौती दे रहा है कि वे अपने दावे साबित करें।
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