भोपाल
स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति लटकी हुई है, जबकि जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को व्याख्याता बना दिया है। इस दोहरे रवैये से शिक्षकों में नाराजगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश जारी नहीं कर रहा है।
शासकीय शिक्षक संगठन का विरोध: दो साल से लंबित हैं पदोन्नतियां
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि दोनों विभागों में शिक्षकों की योग्यता, अर्हता और सेवा शर्तें समान हैं। जनजातीय विभाग में सहायक शिक्षक से उच्च श्रेणी शिक्षक और उच्च श्रेणी शिक्षक से व्याख्याता तक पदोन्नतियां हो चुकी हैं।
जल्द लाभ देने की मांग
वहीं स्कूल शिक्षा विभाग में प्राथमिक, सहायक, माध्यमिक और उच्च श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति दो साल से लंबित है। उन्होंने बताया कि करीब दो साल पहले उच्च पद का प्रभार लेने वाले शिक्षकों को भी अभी तक नियमित पदोन्नति नहीं मिली है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि शासन समय-सीमा तय कर पात्र शिक्षकों को जल्द पदोन्नति का लाभ दे।
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