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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले पॉडकास्ट का ट्रेलर 9 जनवरी को रिलीज़ किया गया। पीएम का इंटरव्यू जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत ने किया है।
भारतीय उद्यमी, निवेशक और स्टॉक ब्रोकर निखिल कामथ के जेरोधा के को-फाउंडर हैं। उनके पॉडकास्ट शो का नाम ‘पीपल बाई डब्ल्यूटीएफ’ है, जिसमें पीएम मोदी अतिथि होंगे। इस एपिसोड की रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया गया है।
कामथ ने गुरुवार को इसका ट्रेलर जारी किया। इसमें पीएम मोदी कहते हैं कि उनसे भी गलतियां होती हैं वे मनुष्य हैं, देवता नहीं। यह पीएम मोदी का पहला पॉडकास्ट इंटरव्यू है।
इस इंटरव्यू में पीएम दुनिया में युद्ध की स्थिति, राजनीति में युवाओं की भूमिका, अपने पहले और दूसरे कार्यकाल के अनुभवों और व्यक्तिगत सोच पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। राजनीति में युवाओं के भविष्य के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री कहते हैं युवा राजनीति में मिशन लेकर आएं, एम्बिशन (महत्वाकांक्षा) लेकर नहीं।
कामथ ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा कि जब वह बड़े हो रहे थे, तो राजनीति को नकारात्मक ढंग से देखा जाता था। इसके बाद पीएम मोदी से पूछते हैं कि आप इसे कैसे देखते हैं? पीएम मोदी ने जवाब देते हुए कहा, ‘अगर आपको अपनी कही गई बातों पर विश्वास होता, तो हम यह बातचीत नहीं कर रहे होते।
बातचीत के दौरान कामथ कहते हैं- ‘मैं यहां आपके सामने बैठा हूं और बात कर रहा हूं, मुझे घबराहट हो रही है। यह मेरे लिए एक कठिन बातचीत है।’ इस पर पीएम मोदी ने जवाब दिया कि- ‘यह मेरा पहला पॉडकास्ट है, मुझे नहीं पता कि यह आपके दर्शकों को कैसा लगेगा।
‘ पीएम मोदी ने भी ट्रेलर को पोस्ट करते हुए लिखा- ‘मुझे आशा है कि आप सभी इसका उतना ही आनंद लेंगे, जितना हमें आपके लिए इसे बनाने में आया!’
प्रधानमंत्री के पॉडकास्ट की प्रमुख बातें…
-प्रधानमंत्री के रूप में पहले और दूसरे टर्म को लेकर पीएम ने कहा- ‘पहली टर्म में तो लोग मुझे भी समझने की कोशिश करते थे और मैं भी दिल्ली को समझने की कोशिश कर रहा था।’
-दुनिया में बढ़ते युद्धों के बारे में स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा – ‘हमने लगातार कहा है कि हम (भारत) न्यूट्रल नहीं हैं, मैं शांति के पक्ष में हूं।’
-राजनीति में युवा टैलेंट को लेकर उन्होंने कहा कि राजनीति में निरंतर अच्छे लोग आते रहने चाहिए। युवाओं को मिशन लेकर राजनीति में आना चाहिए, न कि एम्बिशन लेकर।
-मानवीयता को लेकर उन्होंने कहा- ‘जब मुख्यमंत्री बना तो मेरा एक भाषण था और सार्वजनिक रूप से मैंने कहा था गलतियां होती हैं। मुझसे भी होती हैं। मैं भी मनुष्य हूं, मैं कोई देवता थोड़ी हूं।’
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