राज्यसभा में पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा—‘मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं’
विपक्ष का हंगामा और वॉकआउट
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान राज्यसभा में उस समय राजनीतिक गहमा-गहमी चरम पर पहुंच गई, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बिपक्ष पर निशानया साधा।
जैसे ही पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया, विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद वे संसद भवन के मकर द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्ष का आरोप था कि सरकार देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru और पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi का अपमान कर रही है।
‘मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं’ बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कार्यों और सरकार की उपलब्धियों से विपक्ष हताश हो चुका है। उन्होंने कहा, हमने 18 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाई, देश की बुनियादी जरूरतों को मजबूत किया।
यही वजह है कि वे मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह बयान उनकी आत्मविश्वास से भरी सरकार और विपक्ष की कुंठा को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता ने उन्हें काम करने के लिए चुना है और सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
रक्षा क्षेत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों और ऑपरेशन सिंदूर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले देश के जवानों के पास जरूरी उपकरणों की कमी रहती थी, लेकिन उनकी सरकार ने सेना के लिए देश का खजाना खोल दिया।
आधुनिक हथियार, तकनीक और संसाधन उपलब्ध कराए गए, जिससे भारत की सैन्य ताकत मजबूत हुई। पीएम मोदी ने कहा कि मजबूत होती भारतीय सेना और आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र भी विपक्ष को असहज कर रहा है, इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं।
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भारत-अमेरिका और भारत-EU ट्रेड डील पर जोर
पीएम मोदी ने भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक कूटनीति पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौते किए हैं।
उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके शासनकाल में डील शब्द का मतलब केवल बोफोर्स घोटाला होता था। पीएम मोदी ने कहा, आज भारत ने नौ बड़े देशों के साथ ट्रेड डील की है और यूरोपीय संघ के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ की है, जिसमें 27 देश शामिल हैं। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण बताया।
‘ग्लोबल साउथ की आवाज’ और घुसपैठ पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत ग्लोबल साउथ की आवाज बन चुका है और दुनिया भारत को स्थिरता के प्रतीक के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत-US और भारत-EU ट्रेड डील के बाद दुनिया को भारत की अर्थव्यवस्था पर और अधिक भरोसा हुआ है।
वहीं, उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर भी विपक्ष और कुछ दलों पर निशाना साधा। तृणमूल कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ सरकारें अपने ही लोगों के भविष्य को डुबो रही हैं।
पीएम मोदी ने कहा, दुनिया के समृद्ध देश भी घुसपैठियों को बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन हमारे यहां कुछ लोग घुसपैठियों के बचाव के लिए अदालतों में जा रहे हैं। इससे युवाओं की नौकरियां और आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है।
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