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Parliament Monsoon Session: राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा जारी है। राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जोरदार तरीके से अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार जब से आई है। तब से 5 बार पहलगाम में ही अटैक हुआ है।
गृहमंत्री अमित शाह बताएं इसके लिए कौन जिम्मेदार है, वह कुर्सी खाली करें।
अगर कोई नहीं है तो पीएम जवाब दें।
पहलगाम हमले के 100 दिन बाद भी आतंकी नहीं मिले, 3 मारे गए तो बाकी कहां हैं?
उनको भी ढूंढा क्यों नहीं।
अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रम्प 29 बार कह चुके हैं उन्होंने सीजफायर कराया। पीएम मोदी इसका विरोध क्यों नहीं किया।
संसद सत्र या सर्कस- नड्डा ने खड़गे को कहा मेन्टल, खड़गे ने कहा छोडूंगा नहीं
खड़गे की बात खत्म होने के बाद सदन में सता पक्ष के नेता जेपी नड्डा बोलने खड़े हुए।
उन्होंने कहा- विपक्ष के सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे,
लेकिन मैं देख रहा था कि खड़गे हमारे सीनियर नेता हैं, उनके भाषण में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया गया
यह बताता है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की है। उनकी तकलीफ समझ सकता हूं। 11 साल से उनको वहां बैठाए रखा है। वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। पार्टी और देश के लिए गौरव का विषय है, लेकिन आप पार्टी से इतने जुड़ गए हैं कि देश गौण हो जाता है और मेंटल बैलेंस खोकर इस तरीके से….. इस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा कर दिया।
जेपी नड्डा ने कहा कि मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि मानसिक असंतुलन नहीं, भावावेश कर दीजिए। उन्हें एक्सपंज करने की कृपा करें, यही मैं कहूंगा।
संसद सत्र या सर्कस- नड्डा ने खड़गे को कहा मेन्टल, खड़गे ने कहा छोडूंगा नहीं
इस पर विपक्ष के नेता खड़गे नाराज हो गए। नड्डा की बात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खड़गे ने कहा कि उनके मंत्री मेंटल बैलेंस खोकर बोलते हैं। मैं हमेशा इस सदन में दो चार मंत्रियों का बहुत आदर करता हूं। नड्डा उनमें से एक हैं। वो मुझे मेंटल बोल रहे हैं। ये शर्म की बात है। उन्हें माफी मांगना चाहिए। मैं छोड़ने वाला नहीं हूं।
हालांकि नड्डा ने विपक्ष के विरोध के बीच पहले ही अपने शब्द वापस ले लिए। उन्होंने कहा- मैं माफी मांगता हूं, आप मानसिक असंतुलित नहीं, बल्कि भाव आवेश में इतने बह गए कि पीएम की गरिमा को भी ध्यान में नहीं रख पाए।
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हमारे सुरक्षा बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में 26 लोगों की हत्या करने वाले द रेजिस्टेंस फ्रंट के तीन आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया है। उन्होंने कहा कि भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चित करने में हमारी सेनाओं और अन्य सुरक्षा बलों की भूमिका की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत किसी हद तक जाएगा।
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