संसद के बजट सत्र 2026 की औपचारिक शुरुआत मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई।
राष्ट्रपति ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, देश की आर्थिक प्रगति, वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका और सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है और कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रपति ने बीते वर्ष को विरासत और विकास का संतुलन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा कि बीता वर्ष भारत के लिए तेज प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा है।
उन्होंने गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े आयोजनों का उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत होती है और नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह का भी जिक्र किया, जिसने देश को एकता और संगीत के सूत्र में बांधा।
वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत भूमिका- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि आज का विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, जहां पुराने समीकरण बदल रहे हैं।
इसके बावजूद भारत ने संतुलित और दूरदर्शी विदेश नीति के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
उन्होंने कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को और मुखर किया है और मानवता को प्राथमिकता देते हुए विश्व मंच पर सेतु की भूमिका निभाई है।
राष्ट्रपति ने भारतीय सेना के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से दुनिया ने भारत की सैन्य क्षमता देखी है।
आतंकी अड्डों के खिलाफ कार्रवाई ने देश की सुरक्षा नीति को मजबूत किया है।
अर्थव्यवस्था, किसान और ऊर्जा क्षेत्र पर जोर
अपने अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के समृद्ध देशों में से एक है और सरकार इस विरासत को संवारने का कार्य कर रही है।
किसानों की अतिरिक्त आय के लिए शुरू की गई ‘श्री अन्न योजना’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसे वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके साथ ही पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन को भी किसानों की आय से जोड़ा गया है। ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि सोलर पावर सेक्टर में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब तक 20 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर संसद में शोक और स्थगन
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में शोक का माहौल भी देखने को मिला। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की सूचना दी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही 29 जनवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राष्ट्रपति के संबोधन की प्रति दोनों सदनों में टेबल की गई। राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना होते समय संसद परिसर में राष्ट्रपति को घुड़सवार अंगरक्षकों ने सलामी दी।
बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जिस पर देश की निगाहें टिकी हैं। वहीं विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना ली है।
राष्ट्रपति के संदेश के साथ संसद का यह सत्र देश के विकास, बहस और निर्णयों का अहम मंच बनने जा रहा है।
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