भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी योजना का लाभ दिया। कार्यक्रम में युवाओं को बड़े सपने देखने का संदेश दिया।
भोपाल में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 7,400 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत ई-स्कूटी के लिए राशि और लाभ प्रदान किया गया।
शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया और उनके भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे की सफलता की सीमा तय नहीं करती। मेहनत, प्रतिभा और योग्यता के दम पर विद्यार्थी अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
उन्होंने स्कूटी को केवल आवागमन की सुविधा के तौर पर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धि के सम्मान से भी जोड़कर बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई विद्यार्थियों से पूछा कि वे आगे चलकर क्या बनना चाहते हैं। विद्यार्थियों ने सीए, डॉक्टर, वकील और अन्य क्षेत्रों में करियर बनाने की इच्छा बताई। कुछ विद्यार्थियों ने कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने जैसे लक्ष्य भी साझा किए।
LIVE: भोपाल में मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत आयोजित मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण कार्यक्रमhttps://t.co/MoKrPHsmmg
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 19, 2026
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य बड़े रखने और उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करने की बात कही।
मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा दी जा रही है। इस वर्ष 7,400 से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना में पात्रता के लिए 12वीं की परीक्षा प्रथम प्रयास में पास करने के साथ स्कूल में प्रथम स्थान और कम से कम 70 प्रतिशत अंक हासिल करने की शर्त भी रखी गई है।
योजना के तहत ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1.20 लाख रुपये और मोटराइज्ड स्कूटी के लिए अधिकतम 90 हजार रुपये तक की राशि का प्रावधान बताया गया है।
सरकार के अनुसार, अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं और इसके संचालन पर करीब 246 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और बजट का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा के लिए करीब 38 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है, जबकि राज्य का कुल बजट लगभग 4.38 लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के साथ भविष्य में समाज और देश की जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
मोहन यादव ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों का जिक्र करते हुए कहा कि परिस्थितियां प्रतिभा के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय करने, शिक्षा पर ध्यान देने और अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जनधन खातों, डीबीटी और डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने जैसे विषयों का भी उल्लेख किया गया।
इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्रोत्साहन देने के साथ उच्च शिक्षा के दौरान आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
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