Odisha Congress Protest: ओडिशा के बालासोर जिले की 20 वर्षीय छात्रा द्वारा कॉलेज कैंपस में आत्मदाह करने और फिर AIIMS में दम तोड़ने की घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है।
इस घटना के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस सहित 8 विपक्षी दलों ने राज्यव्यापी बंद बुलाया, जिसके चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
ट्रेन रोकी, हाईवे जाम, बाजार बंद
विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भद्रक में चेन्नई-कोलकाता नेशनल हाईवे पर टायर जलाकर चक्काजाम किया।
भुवनेश्वर में बस सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई लोग पैदल ही घर लौटने को मजबूर हुए।
भद्रक में ट्रेन को रोकने की कोशिश की गई, वहीं बाजार, बैंक और पेट्रोल पंप तक बंद रहे।
ओडिशा बंद के दौरान कांग्रेस इन चार्ज अजय कुमार लल्लू को पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस के साथ CPI(M), SUCI सहित कुल आठ राजनीतिक दल शामिल हुए।
मयूरभंज और अन्य जिलों में भी जगह-जगह सड़क पर विरोध-प्रदर्शन हुए।
यौन शोषण से तंग आकर किया आत्मदाह
12 जुलाई को बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनॉमस कॉलेज की एक छात्रा ने कथित तौर पर कॉलेज के HoD समीर कुमार साहू द्वारा यौन शोषण से तंग आकर कॉलेज कैंपस में खुद पर केरोसीन छिड़ककर आग लगा ली थी।
उसे पहले जिला अस्पताल और फिर AIIMS भुवनेश्वर ले जाया गया, जहां 14 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
छात्रा ने आत्मदाह से पहले प्रिंसिपल से शिकायत की थी, लेकिन आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसे शिकायत वापस लेने के लिए कहा।
इस मामले में HoD समीर साहू को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था।
जबकि बढ़ते विरोध के बाद कॉलेज प्रिंसिपल दिलीप घोष को भी सस्पेंड और फिर गिरफ्तार कर लिया गया।
पूरी खबर यहां पढ़ें – ओडिशा सेक्शुअल हैरेसमेंट केस: आत्मदाह करने वाली छात्रा की मौत, राहुल बोले- बेटियां जल रही पर PM चुप हैं
सीएम के इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन की मांग
घटना के बाद कांग्रेस ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी के इस्तीफे की मांग की है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और हालात मणिपुर जैसे हो गए हैं।
उन्होंने राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सीएम के पास शासन चलाने का अनुभव नहीं है और वे अपने एक साल के कार्यकाल में पूरी तरह विफल रहे हैं।
फिलहाल, विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लोकसभा सत्र में उठाने का ऐलान किया है।
अलका लांबा ने आरोप लगाया कि जैसे प्रधानमंत्री ने राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रपति शासन की मांग की थी, वैसे ही अब ओडिशा में भी वही मापदंड लागू होने चाहिए।
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