महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया में मुस्लिमों की एंट्री पर VHP का फैसला
मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गरबा और डांडिया आयोजनों के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
संगठन ने राज्यभर में होने वाले सार्वजनिक गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिम समुदाय के लोगों के प्रवेश का विरोध करते हुए आयोजकों से पहचान की जांच समेत कई व्यवस्थाएं लागू करने को कहा है। नवरात्रि का उत्सव करीब 10 दिनों तक आयोजित किया जाएगा।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर के मुताबिक, नवरात्रि केवल मनोरंजन या नृत्य का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देवी की आराधना से जुड़ा धार्मिक पर्व है। इसी आधार पर संगठन ने गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी नहीं होने देने का निर्णय लिया है।
उनका तर्क है कि जो लोग मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन्हें ऐसे धार्मिक आयोजन में शामिल होने का उद्देश्य भी स्पष्ट करना चाहिए।
VHP का कहना है कि यह फैसला किसी समुदाय के प्रति विरोध के तौर पर नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजनों की प्रकृति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम के रूप में लिया गया है।
संगठन के अनुसार महाराष्ट्र में करीब 25 से 30 हजार सार्वजनिक गरबा मंडल सक्रिय हैं, जिसके चलते आयोजकों को इन दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
प्रवेश से पहले पहचान की जांच
VHP की ओर से आयोजकों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में गरबा और डांडिया पंडालों में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान जांचने पर जोर दिया गया है। इसके लिए पहचान पत्र देखने और व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने की बात कही गई है। संगठन ने धार्मिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए तिलक और रक्षा सूत्र जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया है।
इसके अलावा आयोजनों के परिसर में गोमूत्र का छिड़काव करने की बात भी दिशा-निर्देशों में कही गई है। इन नियमों के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में नवरात्रि आयोजनों के दौरान धार्मिक पहचान, सार्वजनिक कार्यक्रमों में प्रवेश और सामुदायिक भागीदारी को लेकर नई राजनीतिक और सामाजिक बहस शुरू होने की संभावना है।
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