समझौते पर विवाद: CJP ने सरकार को दी चेतावनी, कहा- वादा टूटा तो फिर शुरू होगा देशव्यापी आंदोलन
NEET और पेपर लीक के मुद्दे पर समाप्त हुए छात्र आंदोलन के बाद अब एक बार फिर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। CJP ने आरोप लगाया है कि आंदोलन खत्म कराने के दौरान सरकार ने जिन आश्वासनों का भरोसा दिया था, उनका पालन नहीं किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यदि समझौते की शर्तों को लागू नहीं किया गया तो वह दोबारा सड़कों पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
छात्रों पर कार्रवाई रोकने की मांग
CJP का आरोप है कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी विभिन्न राज्यों में छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। पार्टी ने दावा किया कि कई जगहों पर छात्रों को हिरासत में लिया गया है और उन पर दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया गया है। ऐसे में सरकार को अपने वादे के अनुसार सभी कार्रवाई तत्काल रोकनी चाहिए।
एफआईआर वापस लेने की रखी शर्त
पार्टी ने सरकार से मांग की है कि आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए और भविष्य में किसी भी छात्र के खिलाफ नया मामला दर्ज न किया जाए। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान हुए कानूनी आश्वासनों की लिखित प्रति भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
‘वादा नहीं निभाया तो आंदोलन तय’
CJP नेताओं का कहना है कि आंदोलन सरकार के भरोसे पर समाप्त किया गया था। यदि सरकार अपने आश्वासन से पीछे हटती है तो यह केवल संगठन ही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के विश्वास को भी ठेस पहुंचाएगा। पार्टी ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
संसद से सड़क तक गरमाया मुद्दा
छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई का मुद्दा अब संसद तक पहुंच चुका है। विपक्षी दल भी सरकार से जवाब मांग रहे हैं। वहीं CJP का कहना है कि उसकी कानूनी टीम विभिन्न राज्यों में छात्रों को कानूनी सहायता उपलब्ध करा रही है और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का अगला चरण जल्द घोषित किया जाएगा।
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